जानिए.. किस नेता ने कहा- ‘जिसके हाथ में चाय का जूठा कप देना था, उसके हाथ में देश दे दिया’

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जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे देश की सियासत भी गर्माने लगी है। राजनीतिक दलों की ओर से वार-पलटवार का सिलसिला जारी है। बीजेपी को हराने के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट हैं। बता दें कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू दिल्ली स्थित आंध्र भवन में धरना दे रहे हैं। धरनास्थल पर लगे प्लेकार्ड को लेकर बीजेपी की ओर चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा गया है।

अमित मालवीय ने लिखा कि आंध्र भवन में जहां पर चंद्रबाबू नायडू धरना दे रहे हैं, वहां पर पोस्टर लगे हैं कि ‘जिसके हाथ में चाय का जूठा कप देना था, उसके हाथ में जनता ने देश दे दिया।’ मालवीय ने लिखा कि विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैकग्राउंड को लेकर हमेशा निशाना साधती हैं। क्या पिछड़ी जाति का होना या गरीब होना अभिशाप है?

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर तेलगु देशम पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने समर्थकों के साथ आंध्र भवन में एक दिवसीय भूख हड़ताल पर हैं।

उल्लेखनीय है कि रविवार को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू पर जोरदार हमला किया था और चंद्रबाबू को धोखा देने वाला नेता करार दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि चंद्रबाबू नायडू दल बदलने और गठबंधन करने में सीनियर हैं, ससुर की पीठ में छुरा भोंपने में सीनियर हैं।

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