लोकसभा चुनाव: अपनी पार्टी से नाराज़ इस नेता ने PM मोदी की तुलना ‘बंदर’ से की…

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गुजरात कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार अर्जुन मोढवाडिया इन दिनों शीर्ष नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। ख़बरों के मुताबिक अर्जुन मोढवाडिया ने इस बार चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। पोरबंदर से आने वाले अर्जुन मोढवाडिया 2004 से 2007 तक गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं।

बता दें कि 17 फरवरी 1957 को पोरबंदर के पास एक गांव मोढ़वाड़ा में जन्मे अर्जुन मोढवाडिया ने स्कूली शिक्षा गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल में हुई थी। उन्होंने मोरबी के लुखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। वे 1982 से 2002 तक पंजीकृत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में सौराष्ट्र विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य बने। 1988 में वह विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य भी बने। उन्होंने साल 1993 में अपनी नौकरी छोड़ दी और राजनीति में आए थे।

अर्जुन मोढवाडिया ने 1997 में कांग्रेस ज्वॉइन किया। उन्होंने साल 2002 में विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2002 में वे गुजरात (संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों) के लिए भारत के परिसीमन आयोग के सदस्य बने। उन्हें अनुमान समिति के सदस्य के रुप में भी नियुक्त किया गया था। अर्जुन 2004 से 2007 तक गुजरात विधानसभा के विपक्ष के नेता थे।

मोढवाडिया 2007 में फिर पोरबंदर सीट से विधायक बने। साल 2008-09 तक वह मीडिया कमेटी के अध्यक्ष और गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता भी थे। 2 मार्च 2011 को उन्हें गुजरात कांग्रेस का 27वां अध्यक्ष बनाया गया। 2012 में पोरबंदर विधानसभा सीट से वह बीजेपी के बाबू बोखिरिया से हार गए। उन्होंने हार के बाद 20 दिसंबर 2012 को कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। वह 2017 में वह फिर मैदान में उतरे, लेकिन इस बार अर्जुन को हार का सामना करना पड़ा

 

गौरतलब है कि नवंबर 2012 में अर्जुन मोढवाडिया ने नरेंद्र मोदी को बंदर कहा था। इसके बाद उनके खिलाफ चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। फिलहाल, अर्जुन मोढवाडिया कांग्रेस नेतृत्व से नाराज हैं।

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