अगर बैठे-बैठे आपके भी हाथ-पैर सो जाते है तो हो जायें सावधान, हो सकती है खतरनाक बीमारी !

by rohit patwal Posted on 186 views 0 comments
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अकसर हम किसी एक ही जगह पर बैठे-बैठे लगातार काम करते हैं तब हमें पता भी नहीं चलता और हमारे शरीर का कोई न कोई हिस्सा सो ही जाता है। उसके बाद कुछ भी कर लो थोड़ी देर तक उस हिस्से के साथ हम सुन पड़ जाता है। आखिर ऐसा होता क्यों है और इसके बारे में साइंस क्या कहता है। इससे जुड़ी कुछ खास बातें हम आपको बता रहे है जो आपके लिए जानने जरुरी है।

लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने से या हाथ के सहारे सोने से उसमें बहुत तेज झनझनाहट होने लगती है। साइंस की माने तो हाथ और पैरों का सो जाना बहुत ही साधारण सी बात है। असल में एक ही पॉजिशन में ज्यादा देर तक बैठे रहने से या लेटे रहने से कुछ नसें दब जाती हैं जिसकी वजह से हाथों और पैरों दोनों को सही तरह से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से शरीर का हिस्सा प्रोटेक्टिव मोड पर आ जाता है। जैसे ही आपके दिमाग को इसका पता चलता है तो वह इन झटपटाते हाथों की मदद करने के लिए हमें झनझनाहट से सिग्नल दे देता है।

अगर जल्दी-जल्दी सो जाते है आपको हाथ या पैर तो इन बातों पर दें ध्यान

आपको यह भी बता दें कि हाथ या पैर अगर एक ही दिन में बहुत बार सोने लगें या फिर झनझनाहट खत्म होने में ज्यादा टाइम लगने लगे, तो आपको डॉक्टर के पास जाने की जरुरत है। ब्लड टेस्ट, MRI और दूसरे टेस्ट भी होते हैं जिनसे ऐसी नसों के बारे में पता चलता है। अगर झनझनाहट बहुत ज्यादा है तो इसके पीछे यह 7 वजह हो सकती हैं।

1. गले या पीठ की कोई नस दबी हुई है

अगर आपको गर्दन से लेकर, हाथ या पीठ पर या फिर पैर के तलवे तक झनझनाहट महसूस होती है तो हो सकता है कि किसी चोट या गलत तरह बैठने की वजह से या फिर गठिया जैसी बिमारियों की वजह से नस दब रही हो। इसके ईलाज के लिए फिजिकल थेरेपी और दवाइयों की मदद से आपको आराम मिल सकता है।

2. विटामिन की कमी

अगर आपके एक ही हाथ में नहीं बल्कि दोनों हाथों में झनझनाहट हो रही है तो इसके पीछे की वजह आपके शरीर में विटामिन B12 की कमी हो सकती है। इतना ही नहीं इसके साथ ही आपको थकान भी महसूस होती होगी और यह भी हो सकता है कि आपको एनीमिया हो। ब्लड टेस्ट में अगर इस तरह की दिक्कतें आ रही है तो B12 विटामिन की चीजों से या फिर इंजेक्शन से ही इसे ठीक किया जा सकता है।

3. कार्पल टनल सिंड्रोम (Carpal tunnel syndrome):

अगर आप दिन भर अपने कंप्यूटर के सामने बैठकर टाइपिंग ही करते रहते हैं, तो आपको इस तरह की परेशानी हो सकती है कि आपकी अंगुलियों के रिपीट मोशन से उनकी नसें दब जाएं। इन नसों के दब जाने की वजह से आपके हाथ में झनझनाहट होने लगती है। अगर झनझनाहट की वजह यही है तो आपको अपने पूरे दिन में खास बदलाव करने की ज्यादा जरूरत है। फिजिकल थेरेपी, दवाइयां और सर्जरी से इसका ईलाज किया जा सकता है।

4. सर्विकल या स्पाइनल स्टेनोसिस (Cervical or spinal stenosis):

एक बड़ी वजह है कि रीढ़ की हड्डी में दिक्कत आने की वजह से भी हमें काफी परेशानी महसूस होने लगती है। इसके बारे में पूरी जानकारी MRI या CT scan के जरीये ही ली जा सकती है। इसका  ईलाज यह देखकर किया जाता है कि दिक्कत कितनी ज्यादा है। इसका ईलाज सिर्फ फिजिकल थेरेपी, इंजेक्शन या सर्जरी से ही किया जा सकता है।

5. डायबिटीज

अगर आपका डायबिटीज काफी ज्यादा बड़ा हुआ है, तो हो सकता है कि आपका हाई ब्लड शूगर आपके लिए जहर की तरह काम करें। इससे आपको अपने हाथ और पैरों में काफी झनझनाहट महसूस होने लगती है। अगर आपको हद से ज्यादा प्यास या भूख लग रही है या फिर जल्दी-जल्दी पेशाब करने की जरूरत पड़ती है तो आपको अपना ग्लूकोज लेवल चैक करवाने की ज्यादा जरूरत है। दवाइयों और अपने खाने-पीने में अंतर लाने से आप इसे कंट्रोल में ला सकते हैं।

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