Press "Enter" to skip to content

जल्द होने जा रहा है ताजमहल का तबादला…

कभी भी आगरा का नाम लिया जाता है तो सबसे पहली चीज ध्यान में आती है वो ताज महल है। दुनिया के अजूबों में शामिल और देश के सबसे बड़े ऐतिहासिक धरोहर में से एक ताजमहल एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। इस बार ताजमहल को यमुना के एक किनारे से दूसरी ओर शिफ्ट करने की चर्चा की जारही है।

इस बात को सुन कर आपको लग रहा होगा कि ये कैसी बेतुकी बात है। किसी सैकड़ों साल पुरानी इमारत को कैसे उठाकर यमुना के दूसरी तरफ रखा जाए। लेकिन ये बात नामुमकिन नहीं है भारत से पहले मिस्र में ऐसा कारनामा किया जा चुका है।

मिस्र में सालों पहले तीन हजार साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत को उठाकर दूसरी जगह ले जाकर उसी रूप में फिर से स्थापित कर दिया गया था। दुनिया में ऐसी बहुत सी ऐतिहासिक धरोहरें हैं जिन्हें अगर समय रहते बचाया नहीं गया होता तो शायद इतिहास का एक कीमती खजाना मिट्टी में मिलकर खत्म हो गया होता। इतिहास का ऐसा ही एक खजाना मिस्र के लोगों ने यूनेस्को की मदद से खत्म होने से बचाया था और आज ये यूनेस्को वल्र्ड हेरिटेज साइट यानी विश्व की धरोहरों की फेहरिस्त में शामिल है।

मिस्र का अबु सिम्बल मंदिर दक्षिणी मिस्र की प्राचीन घाटी नुबियन में पहाड़ काट कर बनाया गया है, मंदिर के अंदर की खूबसूरती देखते ही बनती है। मंदिर की छत से लेकर फर्श तक उस दौर के राजा फराओ रैमसेस द्वितीय की जंगों में मिली कामयाबियों के किस्से उकेरे गए हैं, दरअसल इस मंदिर का निर्माण इसी राजा ने करवाया था, मंदिर के बाहर भी फराओ के चार विशाल बुत बने हैं जिनका रुख सामने से बह रही नदी की ओर है।

टीम ने करीब पांच साल तक मशक्कत की और मंदिर के टुकड़े-टुकड़े करके उन्होंने उसे उठाया और उसी पहाड़ी पर करीब 60 मीटर ऊंचाई पर लाकर फिर से जोड़कर उसी तरह का मंदिर तैयार कर दिया, बादशाह रैमसेस के मंदिर को 860 टुकड़ों में काटा गया था, वहीं रानी के मंदिर को दो सौ से ज्यादा टुकड़ों में काटकर दूसरी जगह ले जाया गया था।

More from NationalMore posts in National »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.