BJP नेताओं को प्रियंका गांधी से लगता है डर, बार-बार तोड़ते हैं शब्दों की मर्यादा

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देश में चुनावी माहौल हो और ऐसे मौसम में बयानबाजी न हो, ऐसा तो हो नहीं सकता। प्रियंका गांधी के कांग्रेस में औपचारिक रुप से शामिल होने पर पार्टी नेताओं का लगता है कि पार्टी और मजबूत होगी। प्रियंका के पार्टी में आने के बाद जिस तरह कांग्रेसियों में खुशी की लहर है तो वहीं, बीजेपी खेमे में हड़कंप मच हुआ है और इसी बौखलाहट में बीजेपी नेता प्रियंका गांधी पर आए दिन निशाना साधते रहते हैं। कोई उन्हें चॉकलेटी चेहरा बताता है, तो कोई उनकी तुलना सूर्पनखा से करता है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा का एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने नए विवाद को जन्म दे दिया है। महेश शर्मा ने अपने इस ताजा बयान में प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। महेश शर्मा ने कहा है कि वो पप्पू कहता है मैं प्रधानमंत्री बनूंगा, मायावती, अखिलेश, पप्पू और वो पप्पू की पप्पी भी आ गई है। क्या वो पहले देश की बेटी नहीं थी क्या, क्या वो कांग्रेस की बेटी नहीं थी क्या, इस सोनिया परिवार की बेटी नहीं थी क्या…अब नहीं है क्या.. आगे नहीं रहेगी क्या.. क्या नया लेकर आई हो?

बता दें कि इससे पहले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने प्रियंका के राजनीति में कदम रखने के बाद बोला था कि अगले लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारने के लिए कांग्रेस के पास मजबूत नेता नहीं हैं। इसलिए वह ऐसे चॉकलेटी चेहरों के माध्यम से चुनाव लड़ना चाहती है। अगर कांग्रेस में राहुल के नेतृत्व के प्रति आत्मविश्वास होता, तो प्रियंका को सक्रिय राजनीति में नहीं लाया जाता।

बता दें कि बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले योगी संजय नाथ के नाम के मोदी समर्थक ने प्रियंका गांधी पर बेहद ही भद्दी और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। बिहार के मंत्री विनोद झा ने भी प्रियंका गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस गलतफहमी में है। वह समझ ले कि सुंदर चेहरे पर वोट नहीं मिलता है।

बीजेपी नेताओं की ओर से आए दिन प्रियंका गांधी पर हमले बोले जाते हैं और ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है जो कि बहुत ही निंदनीय है। बीजेपी नेता प्रियंका गांधी पर निशाना साधते-साधते शब्दों की मर्यादा ही भूल जाते हैं और बेहद ही अभ्रद और गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। क्या राजनीतिक का स्तर इतना गिर चुका है कि हमारे नेता महिला का सम्मान करने ही भूल जाते हैं।

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