मिलिए उस महिला से जिसे दुनिया ने नकारा लेकिन कैमरे ने अपनाया

हमारी जिंदगी किसी फिल्म से कम नहीं है, जिस तरह से फिल्म में लाइट, कैमरा और एक्शन के बाद फिल्म शुरु होती है। कुछ इसी तरह हमारी जिंदगी की कहानी भी जन्म लेने के साथ शुरु हो जाती है। लेकिन जिंदगी की कहानी के कुछ किरदारों के लिए आसान नहीं होती। उन्हें हर रोज अपने वजूद के लिए जंग लड़नी पढ़ती है।

क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान रोज की लड़ाई से बोर होकर एक दिन घर ही छोड़ देता है। वह घर जहां कोई सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करता है, किसी के लिए वही जगह घुटन भरी कोठरी से कम नहीं होती।

एक 13 साल की लड़की जो समाज की बनाई परिभाषा पर खरी नहीं उतरती वह अपने आस-पास के बच्चों से थोड़ा अलग दिखती थी। एक दिन जब लोगों की बातें और बिगड़तें माहौल के बीच जीना मुहाल हो गया था। तब उस लड़की ने घर छोड़ कर भाग जाने का निर्णय लिया। वैसे तो वह घर छोड़कर भागी थी ताकि अपनी जिंदगी का खात्मा कर सके। लेकिन वह अपनी इस कोशिश में सफल नहीं हो पाई और आस पास के लोगों ने उसकी जान बचा ली। इस बच्ची का नाम पद्मिनी प्रकाश है। यह लड़की आज एक कामयाब न्यूज एंकर है। जो देश की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर है।

 

पद्मिनी को जब लोगों ने बचाया, तो उन्हें एक उम्मीद नजर आई, जैसे मंजिले उसके इंतजार में बैठी हो। पद्मिनी ने तभी आत्महत्या की बात छोड़ अपनी जिंदगी आगे गुजारने की बात ठानी। उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन से बीए करने का मन बनाया और साथ ही क्लासीकल डांस भी सीख लिया। इस तरह पद्मिनी जिंदगी के सफर में कदम से कदम मिलाकर चलने लगी।

मिस ट्रांसजेंडर का खिताब जीत चुकी है

31 साल की उम्र में पद्मिनी प्रकाश देश की पहली ट्रांसजेंडर एंकर बनीं। इससे पहले वह इंडिया की मिस ट्रांसजेंडर का खिताब भी अपने नाम कर चुकी है। इसके अलावा पद्मिनी ने क्लासिकल डांसर बनने के बाद टीवी सीरियल्स अभिनेत्री के तौर पर भी काम कर चुकी है। बचपन के दिनों को पद्मिनी ने याद करते हुए कहा कि जब उनके परिवार को पता चला कि वह एक ट्रांसजेंडर है तो उनका व्यवहार बदल गया। इन लम्हों को याद करते हुए वह कहती है कि परिवार के लोगों ने बेसहारा छोड़ दिया और समाज तिरस्कार भरी नजरों से देखने लगे थे। पद्मिनी अपनी जिंदगी के इन लम्हों को सबसे बुरा वक्त मानती है।

पद्मिनी ने कोयंबटूर में लोटस न्यूज चैनल में शाम के शो को होस्ट करने से न्यूज की दुनिया में कदम रखा। अपने पहले शो के बाद उन्होंने कहा कि वह काफी डरी हुई थी कि कहीं दर्शक उनको पहचान ना लें लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी एंकरिंग पर ध्यान दिया। पद्मिनी अपने इस काम को एक बहुत बड़ी उपलब्द्धि मानती है।

बेशक पद्मिनी की जिंदगी आसान ना रही हो लेकिन उनकी हिम्मत और जज्बे ने उनकी कहानी को दूसरों के लिए एक मिसाल बना दिया। आज पद्मिनी अपने पति और बेटे के साथ एक खुशहाल जिंदगी जी रही है।

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