नवजोत सिद्धू ने मुस्लिमों को दी ऐसी राय, चुनाव आयोग कर सकता है कार्रवाई

Election

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू जब भी कुछ बयान देते हैं तो वो सबसे निशाने पर आ जाते हैं। बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद नवजोत सिद्धू ने एक ऐसा बयान दिया था। जिसके बाद देशभर में उनकी आलोचना हुई थी और सिद्धू अपने इस बयान के बाद से कपिल शॉ से बाहर भी हो गए हैं। अब बात करें देश में हो रहे लोकसभा चुनाव की, तो चुनाव को सूरुर नेताओं पर इस कदर छाया हुआ है कि चुनाव आयोग की सख्ती के बाद भी नेता विवादित बयान देने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

बता दें कि बिहार के कटिहार लोकसभा की बलरामपुर विधानसभा में जनसभा को संबोधित करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कुछ ऐसा कह दिया कि वो आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आ गया। कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू का एक बयान सामने आया है, जिसमें वह मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के लिए मतदान करने की अपील कर रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि आप की ये ऐसी लोकसभा है जहां अल्पसंख्यक भी बहुसंख्यक है, इसलिए आप अगर एकजुटता दिखाएंगे। तो तारिक अनवर को कोई नहीं हरा सकता है।

रैली में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यहां जातपात में बांटने की राजनीति हो रही है, मैं अपने मुस्लिम भाइयों को एक ही बात कहने आया हूं, आपका ऐसा क्षेत्र है जहां आप अल्पसंख्यक बनकर नहीं बल्कि बहुसंख्यक बनकर हो। इस क्षेत्र में आपका वर्चस्व 62 फीसदी का है और ये बीजेपी वाले षडयंत्रकारी लोग आपको बांटने का प्रयास करेंगे। आप इकठ्ठे रहें तो कांग्रेस को दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकेगी। साथ ही, सिद्धू ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना फेंकू से की।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने आपत्तिजनक बयान देने के आरोप में चार नेताओं पर प्रतिबंध लगाया है। जिसमें सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, बीजेपी उम्मीदवार मेनका गांधी और रामपुर सीट से सपा उम्मीदवार आजम खान का नाम शामिल है। आजम खान ने बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा को लेकर बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसकी देशभर में निंदा हो रही है। आपको बता दें कि ईसी ने योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे, मायावती पर 48 घंटे, मेनका गांधी पर 48 घंटे और आजम खान पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान ये नेता ना ही कोई चुनावी रैली कर सकते हैं, ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकेंगे। किसी भी प्रकार से चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे।

Leave a Reply