मायावती-योगी को चुनाव आयोग का झटका, इतने दिनों के लिए चुनाव प्रचार करने पर लगाई रोक

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लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दल पूरी तरह तैयार हैं। सभी पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। चुनाव का खासा असर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। बता दें कि सूबे में बीजेपी को हराने के लिए बुआ-बबुआ ने साथ-साथ चलने का फैसला किया है। इस चुनावी मौसम का पारा नेता के सिर चढ़कर बोल रहा है और कुछ नेताओं के दिमाग पर तो ये पारा इस कदर हावी है कि वो विवादित बयान देने में पीछे नहीं हटते। जो मुहं में आता है बस बोल देते हैं। इस दौरान नेता भाषा की मर्यादा की सारी हदें लांघ देते हैं।

बता दें कि लेकिन चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सख्त कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के प्रचार करने पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग की ये रोक 16 अप्रैल से शुरू लागू होगी। जो कि योगी आदित्यनाथ के लिए 72 घंटे और मायावती के लिए 48 घंटे तक लागू होगी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ और मायावती ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे। ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं और ना ही किसी को इंटरव्यू दे पाएंगे। चुनाव आयोग का यह आदेश 16 अप्रैल सुबह 6 बजे से लागू होगा।

आपको बता दें कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश के देवबंद में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों से सपा-बसपा गठबंधन को वोट देने की अपील की थी। मायावती ने अपने संबोधन में कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बांटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें। मायावती का ये बयान धर्म के नाम पर वोट मांगने के नियम का उल्लंघन है।

तो वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में मायावती पर हमला बोलते हुए कहा था कि अगर विपक्ष को अली पसंद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं। दोनों नेताओं के इन बयानों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था और दोनों नेताओं को सख्त हिदायत दी थी।

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