IFFI के ज्यूरी के फैसलों में सरकार की दखलंदाजी पर भड़के मनीष तिवारी

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maneesh tewari slams ministry in matter of IFFI

गोवा में होने जा रहे 48वें इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में सरकार की दखलअंदाजी को लेकर पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कड़ी आलोचना की है। मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार का हर चीज में हस्तक्षेप नहीं चलेगा। आपको बता दें कि इस फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली भारतीय फिल्‍मों की फाइनल लिस्‍ट से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दो फिल्‍मों को हटा दिया है, जिसे आईएफएफआई की ज्‍यूरी ने पास कर दिया था।

इन दो फिल्मों में सनल कुमार शशिधरन के द्वारा बनाई गई मलयाली फिल्म ‘एस. दुर्गा’ और रवि जाधव की मराठी फिल्म ‘न्यूड’ को सूची से हटाया गया है और इस मुद्दे को लेकर ही मनीष तिवारी ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। 26 फिल्‍मों की इस लिस्‍ट में पहले ‘एस. दुर्गा’ और ‘न्यूड’ को ज्यूरी ने शामिल किया था।

मनीष तिवारी ने इस पर ट्वीट करते हुए इस मुद्दे को हास्यास्पद बताया और ज्यूरी के फैसले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। तिवारी ने कहा कि समय आ गया है कि रचनात्‍मक समुदाय के लोग इस तरह की सेंसरशिप के प्रति अपनी आवाज उठाएं। आपको बता दें कि इस प्रकरण के बाद ज्यूरी प्रमुख सुजॉय घोष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

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