तमाम विवादों के बाद सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला पूरे देश में रिलीज होगी ‘पद्मावत’

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संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत को चार राज्यों में बैन किए जाने के खिलाप सुप्रीम कोर्ट में बहस हुई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म को चार राज्यों में बैन किए जाने को असंवैधानिक बता दिया है। वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने निर्माताओं की तरफ से बोलते हुए कहा, सेंसर बोर्ड की ओर से पूरे देश में फिल्म के प्रदर्शन के लिए सर्टिफिकेट मिला है। ऐसे में राज्यों का प्रतिबंध असंवैधानिक है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

गुरुवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की एक बेंच ने कहा, राज्यों में कानून व्यवस्था बनाना राज्यों की जिम्मेदारी है। यह राज्यों का संवैधानिक दायित्व है। संविधान की धारा 21 के तहत लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, यह जीवन जीने का भी अधिकार है। इससे पहले अटार्नी जनरल ने राज्यों का पक्ष रखने के लिए सोमवार का वक्त मांगा लेकिन कोर्ट ने पहले ही फैसला सुना दिया।

साल्वे ने कहा, राज्यों का पाबंदी लगाना सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत संघीय ढांचे को तबाह करना है। राज्यों को इस तरह का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि लॉ एंड आर्डर की आड़ में राजनीतिक नफा नुकसान का खेल हो रहा है। आपको बता दें कि वायकॉम 18 की तरफ से से यह याचिका दायर कर चार राज्यों पर फिल्म के  बैन को लेकर विरोध किया गया था।

आपोक बता दें कि फिल्म के निर्माता देशभर के सिनेमाघरों में 24 जनवरी को इसका पेड प्रीव्यू रखेंगे। ‘पद्मावत’ के डिस्ट्रीब्यूटर्स 24 जनवरी की रात 9.30 बजे स्क्रीन होने वाले शोज का भुगतान करके उसकी जगह ‘पद्मावत’ की स्क्रीनिंग करेंगे। फिल्म एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा करने से ‘पद्मावत’ के मेकर्स को फिल्म को लेकर चल रही अफवाह को गलत साबित करने का मौका मिल पाएगा। जिसके साथ ही फिल्म देखने के बाद लोगों का पॉजिटिव रिस्पोंस मिलना भी फायदेमंद होगा।

देश के चार राज्यों में फिल्म को किया गया है बैन

मंगलवार को हरियाणा सरकार ने फिल्म के राज्य में रिलीज होने पर रोक लगाने का फैसला किया। रणवीर, दीपिका, शाहिद कपूर स्टारर ये फिल्म राजपूत समुदाय के विरोध के बाद से ही काफी विवादों में रही है। हरियाणा से पहले राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश की सरकारें भी पद्मावत को अपने यहां दिखाए जाने को लेकर बैन लगा चुकें हैं।

फिल्म को लेकर विवाद की वजह

रानी पद्मिनी के विवादित किरदार के रुप में दिखाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। करणी सेना ने इस मामले में कहा कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस है। घूमर गाने को लेकर भी रजवाड़ों ने विरोध जताया। हालांकि फिल्म निर्माताओं ने हर एक पहलू को लेकर सफाई दी है। सेंसर ने भी इसे लेकर पांच अहम बदलाव सुझाए थे जिसे निर्माताओं ने पूरा किय है, इसके बाद ही यह फिल्म बड़े पर्दे पर दिखायी जाएगी।

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