कोलकाता: मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए ममता का मेगा शो, 41 साल बाद विपक्ष का सबसे बड़ा जमावड़ा

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इस साल होने वाले लोकसभा चुनावों का असर हर राज्य में देखने को मिल रहा है। बीजेपी भी 2018 के विधानसभा चुनावों से समझ चुकी है लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी को कमर कसने की जरुरत है। इसी की तर्ज पर बीजेपी चुनाव जीतने के लिए राम मंदिर पर करबो-लड़बो कर रही है। इसी के जवाब में अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में शनिवार को 20 दलों के नेता बीजेपी के खिलाफ कोलकाता में साझी लड़ाई का ऐलान करेंगे। ममता बनर्जी ने इस पर कहा है कि, इस बार बीजेपी 125 सीटों के भीतर सिमट जाएगी। 41 साल बाद कोलकाता में विपक्ष का इतना बड़ा जमावड़ा लग रहा है। हालांकि बीजेपी इसे विपक्षी पार्टियों का डर बता रही है।

कोलकाता में बीजेपी को मात देने के लिए मैदार तैयार कर लिया गया है। मंच के साथ साथ भाषणों की भी तैयारी हो गई है और साथ ही ममता के मानुष भी तैयार है। दावा किया जा रहा है कि दोपहर होने तक 40 लाख से भी ज्यादा लोग इस विशाल ब्रिगेड परेड मैदान को पूरी तरह से भर देंगे। इसके बाद केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आवाज अपने सफर की शुरुआत की जाएगी। ममता बनर्जी ने कहा है कि, ‘भगवा पार्टी के कुशासन के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का संकल्प है। बीजेपी के कुशासन के खिलाफ यह संयुक्त रैली होगी। यह बीजेपी के लिये मृत्युनाद की मुनादी होगी। आम चुनाव में भगवा पार्टी 125 से अधिक सीटें नहीं जीत पाएगी।’

1977 के बाद पहली बार दिखेगी विपक्ष की ऐतिहासिक रैली

विपक्ष का ऐसा जमावड़ा पूरे 41 साल बाद देखने को मिलेगा। इससे पहले ज्योति बसु ने कांग्रेस पार्टी को उखाड़ फेंकने के लिए 7 जून, 1977 को संयुक्त विपक्ष को एक मंच पर लेकर आए थे। इसके बाद दोबारा कभी ऐसा देखने को नहीं मिला। ममता की इस विशाल रैली में चंद्रशेखर राव को छोड़कर विपक्ष के अधिकतर नेता पहुंच रहे हैं।

इस रैली में कांग्रेस से लेकर जेडीएस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, आरजेडी, एसपी, बीएसपी और टीडीपी, आम आदमी पार्टी सहित कम से कम 20 दलों के नेता, कई मुख्यमंत्री, कई पूर्व मुख्यमंत्री और दर्जनों पूर्व मंत्री ब्रिगेड के मैदान में शामिल होते हुए अपनी लोकप्रियता का परिचय देंगे। इन सभी नेताओं का निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहेंगे।

आपको बता दें कि, ममता बनर्जी ने ब्रिगेड की रैली को विशाल और कामयाब बनाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। यहां ममता का मकसद भी कुछ ऐसा है कि वो पश्चिम बंगाल की राजनीति में ज्योति बसु जैसे विशाद कद को छू पाएं। वहीं रैली में शामिल होने के लिए तमाम दलों के नेता कोलकाता पहुंचने लगे हैं। एक ऐसा माहौल बनाने की तैयारी हो रही जिससे देश का माहौल नरेंद्र मोदी के खिलाफ हो चुका है, उनकी नीतियां जनविरोधी हैं और नेता उनका साथ छोड़ रहे हैं। ममता का मकसद है कि ये एक संदेश पूरे देश में भेजा जाए कि नरेंद्र मोदी से लड़ने के लिए समूचा विपक्ष एक साथ खड़ा है।

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