सीएम कमलनाथ के करीबियों पर इनकम टैक्स रेड, ऐसे हुआ हाई प्रोफाइल कनेक्शन का खुलासा

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापों ने सभी को हिलाकर रख दिया है। आयकर विभाग के 300 अफसरों-कर्मचार‍ियों ने सीआरपीएफ के 300 जवानों को साथ लेकर तीन राज्यों में 50 ठ‍िकानों पर छापेमारी की। रव‍िवार सुबह तीन बजे से छापेमारी शुरू की गई जो 34 घंटे बाद भी जारी है। इस छापेमारी में सीएम कमलनाथ के र‍िश्तेदार और उनके पूर्व और वर्तमान ओएसडी को न‍िशाना बनाया गया। आइये जानते हैं क‍ि छापेमारी की जद में आने वालों के प्रोफाइल के बारे में …

मुख्यमंत्री के निजी सचिव (OSD) प्रवीण कक्कड़ का झाबुआ-आलीराजपुर से पुराना कनेक्शन है। वे आलीराजपुर में थाना प्रभारी रहे हैं। थानेदार की नौकरी छोड़ वो सांसद कांतिलाल भूरिया के निजी सचिव बने। लगातार संपर्क बढ़ते रहे और लगातार तरक्की करते रहे। कक्कड़ ने 2015 में रतलाम सीट पर लोकसभा उपचुनाव में कांतिलाल भूरिया के पक्ष में सक्रिय रूप से काम किया। इस वजह से वे कांग्रेस के बड़े नेताओं में खासी पैठ बनाने में सफल हुए। नतीजा ये हुआ कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ ने उन्हें अपना ओएसडी बना लिया। पुलिस की नौकरी के दौरान कक्कड़ जब इंदौर एसटीएफ में इंस्पेक्टर थे, तब उन पर एक गैंगस्टर कमल सिसोदिया का पेटलावद-थांदला के बीच फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगा। इसकी जांच के नतीजे कभी नहीं आए।

प्रवीण कक्कड़ के इंदौर के विजय नगर स्थित कक्कड़ के घर, बीसीएम हाइट्स स्थित दफ्तर, उनके द्वारा संचालित एक मैरिज हॉल और एक फ्लैट पर छापा मारा गया। भोपाल की नादिर कॉलोनी स्थित उनके घर और कुछ अन्य जगहों पर भी तलाशी ली गई। कक्कड़ का परिवार हॉस्प‍िटैलिटी सहित कई कारोबारों से जुड़ा है।

इस छापे में दूसरा बड़ा चेहरा है राजेंद्र कुमार म‍िगलानी का। आयकर विभाग ने द‍िल्ली में ग्रीनपार्क वाले घर से आरके मिगलानी की गाड़ियों से भी कुछ दस्तावेज बरामद क‍िए हैं। जानकारी के अनुसार, आरके मिगलानी के घर नोट गिनने की मशीन और 2 बक्से लगाए गए है। इनके घर से 16 करोड़ रुपये बरामद करने की बात सामने आ रही है। ये कमलनाथ के साथ प‍िछले 30 सालों से जुड़े हुए हैं और उनके ओएसडी रहे हैं।अभी कुछ समय पहले तक वे मुख्यमंत्री कमलनाथ के सलाहकार पद पर थे। कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के छ‍िंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ने की वजह से मिगलानी ने सलाहकार पद से इस्तीफा दे द‍िया था। अभी वह नकुलनाथ के चुनावी मैनेजमेंट में लगे हुए थे।

इस छापे का तीसरा बड़ा चेहरा है भोपाल का अश्व‍िन शर्मा। मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विन शर्मा के पास प्लेटिनम प्लाजा में कई फ्लैट और आठ लग्जरी गाड़ियां मिली हैं। प्लेटिनम प्लाजा के चौथे और छठे फ्लोर पर शर्मा और उनके परिजन रहते हैं। पूरे प्लाजा में शर्मा की लग्जरी गाड़ियां चर्चा का केंद्र रहती हैं। उनके पास दो लैंड रोवर, तीन मर्सिडीज और तीन विंटेज कारों का कलेक्शन है। शर्मा ने अपने विंग में चौथे और छठे फ्लोर के सारे फ्लैट या तो खुद खरीद रखे हैं या फिर वहां उनके परिजन रहते हैं। शेष बिल्डिंग में रहने वाले उस फ्लोर पर यदाकदा ही जाते हैं।

प्लेटिनम प्लाजा में अश्विन के एक ही फ्लोर में पांच फ्लैट हैं। इसमें एक में वह खुद, दूसरे में उसके माता-पिता, एक में ससुराल वाले और चौथा फ्लैट अपनी मौसी के बेटे प्रतीक जोशी को दिया हुआ है। शर्मा खुद लोगों से ज्यादा मेल-मिलाप पसंद नहीं करते। उनके परिवार में एक दो साल का बेटा है। वह जब नीचे घूमने और खेलने आता है तो उसके साथ भी एक बॉडीगार्ड होता था। अश्विनी के कामकाज के बारे में लोगों को कम ही जानकारी है। प्लाजा के कमर्शियल विंग के भी छठे फ्लोर में ही उनका ऑफिस है।

अश्विन का ब्यूरोक्रेट्स में खासा दखल है। एनजीओ समेत कई काम हैं। अफसरों के कमरों में बेधड़क आना और जाना भी है। ऐसा कहा जाता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी ये सक्रिय रहते हैं। प्रवीण कक्कड़ से इनका जुड़ाव है। अश्विन शर्मा 2005 से ही ब्यूरोक्रेट्स के बीच सक्रिय है। अश्विन के मोबाइल फोन में आईएएस अफसरों के वीडियो मिलने की जानकारी भी सामने आई है। यह भी पता लगा है कि अश्विन के दुबई में एक शेख से कारोबारी रिश्ते हैं। उसने दो साल पहले वहां होटल व्यापार में निवेश किया है। इस सिलसिले में वह अक्सर दुबई जाता रहता है।

अश्विन के प्रवीण कक्कड़ से पुराने रिश्ते हैं। वह कक्कड़ के पैर पड़ते हैं। कहा जा रहा है कि वह इनकम टैक्स का अच्छा जानकार है। अश्विन अपने एनजीओ आरोग्य जनकल्याण के काम के सिलसिले में अफसरों से मुलाकात करता रहता था। वर्ष 2016 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में एक ट्रेनिंग के लिए 50 करोड़ रुपए के भुगतान के मामले में भी यह एनजीओ विवादों में रहा है।

इस छापे में एक और क‍िरदार हैं प्रतीक जोशी। प्रतीक और अश्विन शर्मा भोपाल के आर्म्स डीलर हैं। दोनों आपस में रिश्तेदार भी हैं। बताया जा रहा है कि प्रतीक जोशी उनके ही परिवार का सहयोगी है, जिसके पास से 9 करोड़ रुपए का कैश मिला है।

रातुल मुख्यमंत्री के भांजे हैं। वे अमिरा ग्रुप और मोजेर बेयर कंपनी से जुड़े हैं। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में रातुल की कंपनी एक 2522 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगा रही है। इन कंपनियों के परिसरों पर भी छानबीन की गई।

इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट ने छापे में बहुत बड़ी राश‍ि जब्त की है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जानकारी म‍िली थी क‍ि राज्य सरकार के व‍िभागों और व्यापार‍िक प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में धनराश‍ि जमा की गई है। करीब 200 करोड़ रुपये की ये राश‍ि बताई जा रही है जो मध्य प्रदेश से द‍िल्ली श‍िफ्ट होनी थी। कुछ समय पहले  मध्य प्रदेश से हवाला के जर‍िए 20 करोड़ रुपये की राश‍ि द‍िल्ली भेजी गई थी. हवाला करने वाला शख्स द‍िल्ली की गीता कॉलोनी में रुका था। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के साले दीपक पुरी की मोजेर बेयर कंपनी के 600 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन भी इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट की नजर में थे।

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