अमेरिका का भारत को बड़ा झटका, जीएसपी से किया बाहर, जानें भारत पर क्या पड़ेगा असर?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और तुर्की को दिए गए तरजीही व्यापार व्यवस्था (जीएसपी -जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफ्रेंसेज) वाले देश का दर्जा समाप्त करने का इरादा जताया है। विशेषज्ञों की मानें तो ट्रंप का यह फैसला भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय रिश्तों के लिहाज से बड़ा झटका है। खासकर व्यापार के क्षेत्र में। लेकिन, भारत के वाणिज्य सचिव का कहना है कि तरजीही व्यवस्था से हटाए जाने पर भारत पर कोई खास फर्क नहीं पढ़ेगा। क्योंकि इसके तहत आने वाला व्यापार भारत के कुल व्यापार का बहुत ही मामूली हिस्सा है।

अमेरिका की तरजीही व्यापार व्यवस्था (जीएसपी) क्या है?
कोई विकासशील देश अगर अमेरिकी कांग्रेस द्वारा तय शर्तों को पूरा करता है तो वह वाहन कल-पुर्जों एवं कपड़ों से जुड़ी सामग्रियों सहित करीब दो हजार उत्पादों का अमेरिका को बिना किसी शुल्क के निर्यात कर सकता है। लेकिन अमेरिका, भारत समेत कई देशों पर अनुचित व्यापार पद्धति अपनाने का आरोप लगाता रहा है। अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने का संकल्प जताने वाले राष्ट्रपति ट्रंप कई बार भारत को शुल्कों का राजा भी बता चुके हैं और 2018 से ही वे इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। ट्रंप का मानना है कि भारत इस व्यवस्था का लाभ उठाता है, लेकिन अमेरिका से भारत जाने वाले सामानों पर भारी शुल्क लगाता है। इसलिए उसे व्यवस्था से बाहर करना चाहिए और उस पर जवाबी शुल्क लगाना चाहिए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

वाणिज्य मंत्रालय के सचिव अनूप वधावन का कहना है कि भारत जीएसपी के तहत अमेरिका को 5.6 अरब डॉलर के सामानों का निर्यात करता है। जिसमें से केवल 1.90 करोड़ डॉलर मूल्य की वस्तुएं ही बिना किसी शुल्क वाली श्रेणी में आती हैं। जिसके मुताबिक भारत मुख्य रुप से कच्चे माल एवं जैव-रसायन जैसी वस्तुओं का निर्यात ही अमेरिका को करता है। अनूप वधावन ने कहा कि जीएसपी व्यवस्था को वापस लिए जाने से भारत द्वारा अमेरिका को किए जाने वाले निर्यात पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। पूरे व्यापार के संदर्भ में अगर इस व्यवस्था से फायदे की बात करें तो वह बहुत कम है।

हालांकि, विशेषज्ञ इस बात से सहमत नहीं हैं। अमेरिकी कांग्रेस की जनवरी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में भारत इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा था। उसने इस साल अमेरिका को बिना किसी शुल्क के 5.7 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया। जानकारों की मानें तो जीएसपी से निकलने से भारत को नुकसान होगा और पहले से ही कम हो रहा भारत का निर्यात और कम हो सकता है। ट्रंप सरकार के इस प्रस्तावित फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका और भारत बिजनेस काउंसिल ने अमेरिका से भारत को जीएसपी का लाभ जारी रखने का आग्रह किया। उसने कहा है कि द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े कई गंभीर मुद्दों के बावजूद जीएसपी कार्यक्रम के तहत व्यापार से दोनों देशों को फायदा हुआ है।

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