कुंभ मेला 2019: पहले शाही स्नान के साथ कुंभ का आगाज, संतों ने लगाई आस्था की डुबकी

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा मेला कुंभ का आज आगाज हो गया है। मकर संक्रांति के शुभ मौके पर हिंदू धर्म के साधू-संत पहले शाही स्नान के लिए पहुंचेंगे। 15 जनवरी को मकर संक्रांति से प्रयाग की धरती पर धर्म के विश्वविद्यालय की शुरुआत का उद्धोष हो गया है। लोगों के बीच ऐसी मान्यता है कि संगम में एक डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं और लोगों को जन्म-मरण के बंधन से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। लोगों का मानना है कि, इस पवित्र नदि में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कड़ाके की सर्दी में किया जा रहा है शाही स्नान

मकर संक्रांति के पर्व पर शाही स्नान के साथ ही प्रयागराज में कुंभ का शंखनाद हो गया है। इस कड़ाके की सर्दी में भी अलग अलग अखाड़ों के साधु गंगा में डुबकी लगाने आ रहे हैं। हर तपस्वी यही चाहता है कि वो धर्म के इस सबसे बड़े मेले में संगम तट पर शाही स्नान का हिस्सा बने। इन साधुओं के लिए कुंभ ही इनका सबसे बड़ा तीर्थ माना जाता है। ऐसे में जब सालों बाद यह मौका मिलता है तो कड़ाके की ठंड को भी मात देते हुए ये सन्यासी शाही स्नान करते हैं। इस दौरान धूमधाम के साथ शोभा यात्रा निकाली जाती है, जिसमें निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने संगम तट पर शाही स्नान किया जाता है। केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है, वो इस शुभ मौके पर कुंभ के शंखनाद की साक्षी बनी हैं।

भव्य और दिव्य कुंभ की झलक

त्रिवेणी संगम की नगरी कही जाने वाली प्रयागराज में अध्यातम की चमक और खूबसूरत भावों से भरी हुई है। कुंभ में इस बार 12 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही इसमें करीब बीस लाख सैलानियों के भी आने की संभावना है। इस बार कुंभ मेले में भव्यता और दिव्यता की खास झलक देखने को मिलेगी। कुंभ की तरंग में बहते जटा-जूटधारियों के रंग ढंग दिल मोह लेने वाले हैं। कुंभ मेले में हजारों संन्यासियों का जमावड़ा लगा हुआ है। किसी के सिर में रुद्राक्ष का मुकुट जड़ा है, कोई अपना एक हाथ ऊपर किये राष्ट्र रक्षा के लिए तप कर रहा है, तो कोई एक टांग पर खड़े होकर अलक्षित सूर्य को अर्घ्य दे रहा है।

कुंभ सिर्फ संस्कारों का ही सैलाब नहीं हैं, न ही यहां सिर्फ साध्य, साधक और साधना होती है बल्कि ऐसी अजब गजब चीजें भी यहां मौजूद हैं जो कुंभ के रंग में रंग जाने को मजबूर कर देती हैं। हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ तमाम अखाड़ों के साधू-संतों का जुलूस, गंगा के दुग्धाभिषेक के साथ नागा साधुओं की छपाक और धूनी लपेटे साधुओं के अजब-गजब करतब न सिर्फ रोमांचित करता है, बल्कि एक अद्भुत भाव से भर देता है।

टेंट सिटी में पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं

उत्तर प्रदेश सरकार का अनुमान है कि कुंभ 2019 के लिए 20 लाख विदेशी सैलानी प्रयाग आ सकते हैं ऐसे में उन्हें पांच सितारा सुविधाओं से लैस इस टेंट सिटी में खास आकर्षण देखने को मिलेगा। 50 एकड़ में फैली इस इंद्रप्रस्था प्रिंट सिटी में एक रात बिताने के लिए आपको अपने जेब भी ढीली करनी होगी। टेंट सिटी में विला, सुपर डीलक्स और डीलक्स स्तर के अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं। दो कमरे वाले विला में एक रात बिताने के लिए आपको 32000 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं डीलक्स कमरे का किराया करीब 16000 रुपये है।

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