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अगस्ता वेस्टलैंड : छत्तीसगढ़ सीएम रमन सिंह को राहत, आरोपों की SIT जांच के लिए पर्याप्त सबूत नहीं

2007 में छत्तीसगढ़ सरकार के सीएम डॉ रमन सिंह और उनके बेटे अभिषेक को मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से खुशखबरी मिली है। आपको बता दें कि कोर्ट ने स्वराज अभियान की याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने इस मामले में घोटाला होने के आरोप में एसआईटी जांच करने की मांग की थी।

इस मामले में कोर्ट ने कहा है, “हमें कोई ऐसा आधार नहीं मिला, जिससे याचिकाकर्ता को कोई राहत दी जा सके।” याचिका में कहा गया था कि इस खरीद के लिए घूस दी गई और 30 फीसदी कमीशन दिया गया। याचिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भी इस विवाद से जुड़े हैं क्योंकि 6.3 मिलियन डॉलर के हेलीकॉप्टर खरीदने के छह महीने बाद उन्होंने एक शेल कंपनी बनाई।

आपको बता दें कि 2007 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीदे गए अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। दर्ज की गयी शिकायत के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट को तय करना था कि हेलीकॉप्टर खरीद फरोख्त की स्वतंत्र तौर पर जांच कराई जाए या नहीं। कोर्ट की पिछली सुनवाई के दौरान पक्षकारों का कहना था कि जिसको भी लिखित जवाब दाखिल करने है वो कर सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रमन सिंह सरकार से हेलीकॉप्टर खरीदने संबंधी फाइल तलब की थी।

जिसके बाद एक हफ्ते के समय में ही राज्य सरकार को मूल दस्तावेज की फाइल कोर्ट में सौंपने के आदेश गिए दिए थे। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था आखिर अगस्ता हेलीकॉप्टर ही खरीदा जाएगा ये फैसला किसने लिया ? ये जानना जरूरी है कि जब चीफ सेक्रेट्री ने नोट में किसी भी हेलीकॉप्टर की बात लिखी तो फिर अगस्ता के लिए ही टेंडर क्यों जारी हुआ ?

शिकायतकर्ता की तरफ से पेश प्रशांत भूषण का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड से तय कीमत से ज्यादा पैसे देकर हेलीकॉप्टर खरीदा और इसके लिए कागजात इस तरह से तैयार किए गए थे कि अगस्ता-वेस्टलैंड के अलावा कोई दूसरी कंपनी इस प्रक्रिया में शामिल हो ही न पाए। याचिका में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और झारखंड में भी अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़े दस्तावेज़ पेश किए गए।

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