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सुप्रीम कोर्ट के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट से भंसाली को मिली राहत, पद्मावत की जजों ने की तारीफ

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ का शुरु से ही विरोध करती आ रही करणी सेना ने जहां पहले करणी सेना ने फिल्म को 4 राज्यों में पूरी तरह से बैन कर दिया था। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिल्म को पूरे देश में दिखाया गया है।

अब इतना विवाद होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी इस फिल्म के बवाल पर अपनी टिप्पणी की है। इस बीच भंसाली पर जो एफआईआर दर्ज की गई थी और जो आरोप लगाए थे इसको लेकर हाईकोर्ट ने कहा है कि फिल्म में राजपूत समुदाय की वीरगाथा कही गई है। फिल्म में राजपूतों के साहस को दिखाया गया है। इसमें कुछ भी आपत्तिजनक जैसा नहीं है।

कोर्ट का कहना है कि इस दौरान दीपिका पादुकोण और भंसाली पर हुई एफआईआर को रद्द किया जाए। आपको बता दें कि एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि संजय लीला भंसाली की फिल्म में एतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। वहीं कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का हवाला देते हुए कहा कि अब राजस्थान सरकार पूरे राज्य में इस फिल्म को रिलीज करने की व्यवस्था करे।

फिल्म में दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती की भूमिका में हैं। फिल्म में रानी पद्ममावी को लेकर जस्टिस मेहता ने कहा कि रानी पद्मावती साहस का महान चरित्र थीं। इस फिल्म के जरिए देश का गौरवशाली अतीत दिखाया गया है। इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं दिखाया गया है जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

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