मोदी सरकार का एक और फैसला : अब बिजली सब्सिडी भी सीधे बैंक खाते में आएगी

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New Delhi. गैस सिलेंडर की तरह ही सरकार अब बिजली सब्सिडी को सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी. यही नहीं, बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों पर अघोषित कटौती करने पर जुर्माना लगाया जाएगा. यह प्रावधान नई टैरिफ नीति में किया गया है. केंद्र सरकार की पावर मिनिस्ट्री ने नीति का मसौदा तैयार कर विभिन्न मंत्रालयों को भेजा है. अगले एक महीने में नीति के लागू होने की संभावना है.

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बिजली क्षेत्र में कई सुधारों का प्रावधान नई नीति में किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी बजट भाषण में बिजली कंपनियों को दी जाने वाली क्रॉस सब्सिडी को बंद करने की वकालत कर चुकी हैं. इस फैसले के लागू होने से उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती से निजात मिलेगी.

डिस्काम को घाटे से बाहर निकालने की कोशिश

अभी तक केंद्र सरकार सब्सिडी राज्य सरकारों को भेज देती थी लेकिन राज्य सरकारों से यह सब्सिडी बिजली सप्लाई करने वाली डिस्काम तक नहीं पहुंच पाती थी. इसी वजह से कंपनियां घाटे में चली जाती थी. लिहाजा, नई टैरिफ नीति में बिजली सब्सिडी सीधे ग्राहक के बैंक खाते में भेजे जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

तीन साल में हर घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे

नई टैरिफ नीति को मंजूरी मिलने से तीन साल में हर घर में बिजली कनेक्शन और स्मार्ट मीटर लगाने का रास्ता साफ हो जाएगा. इसमें ग्राहकों को आसान किस्तों पर स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है. नई टैरिफ नीति के तहत बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ग्राहकों को हर्जाना दिलाए जाने का प्रावधान किया गया है.

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