गरीबों को लेकर मोदी सरकार ने चला बड़ा दांव, जानें क्या हैं योजनाएं

Politics

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में गरीबों से संबंधित कई योजनाओं की शुरुआत करने वाली है. गुरुवार को केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने रामविलास पासवान ने अपने मंत्रालय से संबंधित कई योजनाओं का एळान किया. मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में गरीबों से संबंधित कई योजनाओं की…

लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर दोबारा केंद्र की सत्ता तक पहुंचे पीएम मोदी अब लोगों को राहत देने की तैयारी कर रहे हैं. दरअसल, केंद्र सरकार देश के 16.3 करोड़ अतिरिक्त परिवारों को सस्ती दरों पर चीनी मुहैया कराने की तैयारी में जुटी है. इन परिवारों को चीनी सब्सिडी पर मुहैया कराई जाएगी. इन परिवारों को एक किलो ग्राम चीनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिये सब्सिडी दर पर उपलब्ध कराई जाएगी. मानसून से पहले सरकार का ये कदम देश में पहले से मौजूद चीनी के बफर स्टॉक को खत्म करने के तहत किया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में खाद्य मंत्रालय ने सब्सिडी युक्त चीनी उपलब्ध कराने के दायरे को बढ़ाने की सिफारिश की थी. खाद्य मंत्रालय की इस सिफारिस पर कैबिनेट ने मंत्रालय से पीडीएस के तहत अतिरिक्त खाद्य पदार्थों के वितरण को लेकर प्रस्ताव मांगा है. पीडीएस के तहत अतिरिक्त खाद्य पदार्थों का वितरण भारतीय खाद्य निगम करता है.

भारतीय खाद्य निगम ही इसमें से कई अनाजों को खुले में भी रखता है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल 5 जून को केरल में मानसून आने की संभावना है. ऐसे में एफसीआई इन अनाजों को जल्द खपाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, कारोबारी एफसीआई से उच्च दरों पर अनाज खरीद करने से बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें खुले बाजार में ये अनाज सस्ती दरों पर मिल रहा है.

फिलहाल केंद्र अंत्योदय अन्न योजना के तहत करीब ढ़ाई करोड़ परिवारों को सब्सिडी युक्त चीनी उपलब्ध कराता है. जिसकी कीमत 13.5 रुपये प्रति किलोग्राम होती है. लेकिन अब केंद्र 16.29 परिवारों को इसके तहत चीनी उपलब्ध कराने का प्लान बना रहा है. अगर केंद्र की ये योजना सफल होती है तो सरकारी खजाने पर 4,727 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इसके साथ ही खाद्य मंत्रालय अन्य अनाजों का वितरण भी 1 से 2 किलोग्राम बढ़ाने पर विचार कर रहा है.

Leave a Reply