मोदी सरकार की इस योजना से होगा बड़ा फायदा, लोन लेकर आज ही शुरू करें खुद का बिजनेस

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देश के युवाओं और छोटे कारोबारियों को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की है। छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री ने मुद्रा योजना को शुरू किया था। बता दें कि मुद्दा योजना के तहत लोगों को अपना उद्यम शुरू करने के लिए छोटी रकम का लोन दिया जाता है। ये योजना अप्रैल 2015 में शुरू हुई थी। बता दें कि ये योजना उन लोगों के लिए ज्‍यादा फायदेमंद है जिन्‍हें बैंकों के नियम पूरा न कर पाने की वजह से कारोबार के लिए कर्ज नहीं मिल पाता है। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे कारोबारियों और दुकानदारों को लोन की सुविधा तीन चरणों में दी गई है।

शिशु लोन योजना: इस योजना के तहत 50 हजार रुपए तक का लोन मुद्रा योजना के तहत लिया जा सकता है
किशोर लोन योजना: इस योजना में लोन की राशि 50,001 रुपए से 5 लाख रुपए तक है।
तरुण लोन योजना: इसमें 5,00,001 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है।

कौन ले सकते हैं इसके तहत लोन?
आपको बता दें कि ये योजना सिर्फ छोटे व्‍यापारियों और कारोबारियों के लिए है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित गैर निगमित लघु व्यवसाय घटक यानि कि एनसीएसबीएस जिनमें ऐसी लाखों प्रोप्राइटरशिप/पार्टनरशिप फर्में शामिल हैं, जो लघु विनिर्माण इकाइयां, सेवा क्षेत्र की इकाइयां, दुकानदार, फल/सब्जी विक्रेता, ट्रक परिचालक, खाद्य-सेवा इकाइयां, मरम्मत की दुकानें, मशीन परिचालन, लघु उद्योग, दस्तकार, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और व्यवसाय चलाते हैं उन्‍हें मुद्रा योजना के तहत कर्ज मिल सकता है।

मुद्रा लोन लेने की क्या योग्यता होना चाहिए?
भारत का कोई भी नागरिक जिसकी गैर-कृषि क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधि जैसे मैन्यु फैक्चदरिंग, प्रोसेसिंग, व्यापार और सेवा क्षेत्र वाला बिजनेस प्लावन हो और जिसे 10 लाख रुपए तक के लोन की आवश्यकता हो, वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन ले सकता है। बता दें कि इसमें कर्ज की दरें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस संबंध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशानुसार तय होती हैं।

कहां से मिलेगा मुद्रा योजना के तहत लोन?
बता दें कि यह लोन सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों में उपलब्ध होगा। जैसे:- पीएसयू बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, छोटी वित्त संस्थाओं और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध होगा।

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