‘व्यापम घोटाले’ की तर्ज पर ‘महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन’ में भी हुआ ये बड़ा घोटाला! कांग्रेस युवा नेता बालाजी गड़े ने उजागर किया घोटाला

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महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीएससी) में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। जिसके सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दरअसल, यह घोटाला देश के चर्चित व्यापम घोटाले की याद दिलाता है। बता दें कि महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन में 1 चेयरमैन और 5 मेंबर होते हैं लेकिन मौजूदा समय में कमीशन में 1 चेयरमैन और सिर्फ 1 मेंबर ही है। हर साल एमपीएससी लगभग 20 लाख नौकरियां निकालता है। हमारी इस बात से ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसे इतने बड़े सर्विस कमीशन को सिर्फ एक चेयरमैन और एक सदस्य के द्वारा चलाया जा रहा है।

अब सुन लीजिए घोटाले की पूरी दास्तां

दरअसल, इस बार हुए एग्जाम में 2381 कैंडिडेट्स सेलेक्ट हुए हैं जिनमें से 425 कैंडिडेट्स का रोल नंबर उनके फोन नंबर के आखिरी के 2 अंकों से मिलता है। इसके साथ ही हैरानी की बात तो यह है कि इन कैंडिडेट्स के फोन नंबर पर किसी तरह का कोई ओटीपी नंबर भी नहीं आया है। पता चला है कि कई कैंडिडेट्स ने अपने अंतिम सीरियल नंबर को उनके द्वारा परिचित उम्मीदवारों के नंबरों से अपने मोबाइल नंबर को अपडेट किया है। इस प्रकार, इस गलत तरीके का उपयोग कर कैंडिडेट्स को आवंटित सीट संख्या परिचित उम्मीदवारों की बगल में दी जा सकती है और परीक्षा में ‘सामूहिक नकल’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिस वजह से इसे सामूहिक नकल घोटाला कहा जा रहा है। जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है।  इसके साथ ही आपको  यह भी बता दें कि इससे पहली भी  अक्टूबर 2018 में एग्रीकल्चर का एग्जाम हुआ था, जिसमें 6160 कैंडिडेट्स सेलेक्ट हुए थे जिसमें से 1294 कैंडिडेट्स के साथ भी ऐसा ही प्रोसेस हुआ था।

बता दें कि इस ”सामूहिक नकल” घोटाले को महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के सबसे युवा सदस्य बालाजी गड़े ने उजागर किया है। यह उनकी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की इच्छाशक्ति ही है कि महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद कोई युवा नेता इतनी हिम्मत से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। बालाजी गड़े प्रोफेसर हैं और उनकी उम्र सिर्फ 22 साल है।

इसके साथ ही आपको यह भी बता दें कि इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र हाईकोर्ट में कल्पेश पाटिल ने पीआईएल लगाई है।

इस घोटाले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की फणनवीस सरकार बैकफुट पर आती नजर आ रही है उन्हें डर है कि कहीं व्यापम घोटाले की तरह ही कहीं सामूहिक नकल घोटाला उनके गले की फांस ना बन जाए।

वहीं, जब WikiLeaks4India के संवाददाता लव शर्मा ने महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन के सेक्रेटरी सुनील ओतोड़े से बात की तो उन्होंने कहा कि तो वो इस पूरे घोटाले पर लीपा-पोती करते नजर आए। आप खुद सुन लीजिए पूरी बातचीत

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देखिए कैंडिडेट्स की पूरी लिस्ट जिनका रोल नंबर उनके मोबाइल नंबर के लास्ट के दो अंकों के आधार पर था…

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