ये 2 मुस्लिम नेता भूले भाषा की मर्यादा, महिला के ‘स्तन’ से ‘पैंटी के रंग’ बताने तक की शर्मनाक बातें

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देश में लोकसभा चुनाव के माहौल के बीच नेताओं के विवादित बयानों का सिलसिला जारी है। नेता अपने बयान देते-देते भाषा की मर्यादा ही भूल जाते हैं। आज हम आपको 2 ऐसे मुस्लिम नेताओं के महिलाओं को लेकर दिए ऐसे विवादित बयान बताने जा रहे हैं जिनको सुनकर आप भी शर्म के मारे पानी-पानी हो जाएंगे।

आजम खान


सपा नेता आजम खान ने एक ऐसा बयान दिया है कि जिसके बाद बवाल मच गया है। बता दें कि आजम खान ने उत्तर प्रदेश के रामपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जिनको हम उंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिनसे अपना प्रतिनिधित्व करवाया। उसकी असलियत समझने में 17 वर्ष लगे। मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है। माना जा रहा है कि उनका ये बयान रामपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के लिए था।

बता देें कि आजम खान के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हालांकि, मामले को तूल पकड़ता देख सपा नेता आजम खान ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। साथ ही, उन्होंने कहा, अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो वह रामपुर सीट से अपनी चुनावी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे। सपा नेता आजम खान का कहना है कि उनका निशाना जया प्रदा पर नहीं बल्कि कहीं और था।

हाजी अली दरगाह टस्ट्री

वहीं, कुछ समय पहले हाजी अली दरगाह के ट्रस्टी ने महिलाओं की एंट्री बंद होने के संदर्भ में एक दलील दी थी कि वहां सजदे में झुकती महिलाओं के स्तन दिख जाते हैं, इसलिए उन्हें प्रवेश देना गलत है। ये बात और है कि उन्होंने यह नहीं बताया कि दरगाह पर जो मर्द जाते हैं, वो औरतों के स्तन को क्यों देखते हैं। ट्रस्टी साहब ने यह भी नहीं बताया कि ये उनके निजी विचार थे या ट्रस्ट के बाकी मेंबरान भी स्तनखोजी प्रवृति के थे। ट्रस्टी साहब ने यह भी नहीं बताया कि इस निर्णय तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपनी खोजी निगाहों को ही आधार बनाया था या कोई सर्वेक्षण किया था। जिसमें करीब 83 प्रतिशत मर्दों ने स्वीकारा कि वो दरगाह में स्त्रियों के स्तन देखने आते हैं।

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