डूब सकता है आपका पैसा, अमरपाली की राह पर चला नोएडा सेक्टर-75 वाला स्पेक्ट्रम मॉल !

हाल ही में नोएडा से एक बड़े घपले का खुलासा करती हुई खबर सामने आ रही है। नोएडा में एक मॉल का निर्माण हो रहा है और बताया जा रहा है कि वह निर्माण अवैध तरीके से कराया जा रहा है। जिसपर अब कई अलग-अलग तरह के खुलासे सामने आते जा रहे है और कानून प्रशासन भी सख्त होता जा रहा है। 

आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-75 में स्पेक्ट्रम मॉल के नाम से एक अवैध मॉल बनाया जा रहा है। जिसके उपर अब आरोपों की बौछार हो रही है। बताया जा रहा है कि प्रर्यावरण की मंजूरी नहीं लिए जाने के मॉल पर आरोप लगे हुए है। ट्रिब्यूनल ने इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन भीतर ई-मेल के जरिए रिपोर्ट पेश करने जा रही है और ये आदेश प्राधिकरण (एसईआईएए) द्वारा दिए गए है। 

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ता धमेंद्र सिंह को कंप ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिसए.के. ने निर्देश दिए है कि वह आदेश के अनुपालन को गोयल की अगुवाई वाली पीठ से धमेंद्र सुनिश्चित हो। इसके लिए एसईआईएए शिद सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर मामले से जुड़े सभी कागजात मुहैया कराए जाए है। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होने वाली है। याचिका में आरोप है कि पर्यावरण संबंधी मंजूरी नहीं ली गई है।

जानिए बिलडर का इतिहास

सेक्टर 3 वसुंधरा में गार्डनिया ग्लैमर के नाम से एक प्रोजेक्ट पर काम किया गया है और बताया गया है कि इसे भी अवैध तरीके से किया गया है। जिस बिल्डर द्वारा इस मॉल का एम्स मैक्स गार्डनिया प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट के नाम पर स्पेक्ट्रम के पीछे जितने भी प्रोजेक्ट चल रहे है उनका भी खस्ता हाल है और कई प्रोजेक्ट तो बंद भी पड़े हुए है। बिल्डर पर ऐसे भी आरोप लग रहे है कि उसने ये सारा पैसा नए मॉल पर लगाया जो अब अवैध तरीके से बन रहा है। मनोज राय 20 कंपनियों में डायरेक्टर है और 8 कंपनियों में पार्टनर है, जिसे मिलाकर इनकी कुल कंपनी 28 है। कंपनी पर फर्जी कंपनिज बनाकर पैसे को रोटेट करने के भी आरोप लगते रहे है।

अमरपाली के मालिक और स्पेक्ट्रम के मालिक की समानताएं

दोनों ही जाने माने बिल्डर है लेकिन छिपी हुई कहानी ये है कि अपने ग्रुम के नाम की आड में ये लोग ज्यादा मुनाफीखोरी का पैसा एक से दूसरे ग्रुप में लगाते रहते है। जिसका नुकसान ये होता है कि एक प्रजेक्ट आधे में रोक दिया जाता है और नया शुरू हो जाता है।

ग्राहकों के पास क्या है विकल्प

जो ग्राहक अमरपाली द्वारा ठगे जा चुके है और अगर वो नहीं चाहते कि ऐसा किसी और के भी साथ हो तो वह बिल्डर के पास जाकर अपना निवेश वापस लें। क्योंंकि इसके द्वारा किए गए प्रोजेक्ट या तो अधूरे रह जाते है, या फिर बंद हो जाते है। सर्वे का कहना है कि एनजीटी द्वारा जांच किए गए ज्यादा प्रोजेक्ट आधे रह जाते है।

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