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पाकिस्तान में पहली हिंदू सीनेटर बन इतिहास रचने वाली कृष्णा कुमार की शुरुआती कहानी

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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थार की रहने वाली कृष्णा कुमारी कोहली ने  पाकिस्तान के इतिहास में सीनेटर बनकर एक मिसाल कायम कर दी है। आपको बता दें कि कृष्णा मुस्लिम बहुल देश से पहली हिंदू महिला सीनेटर बनी हैं। सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने खुद से इस बारे में जानकारी साझा की है। पाकिस्तान में ऐसा इतिहास बनाने वाली 39 साल की कृष्णा कुमारी के बारे में जानिए खास बातें…

बंधुआ मजूदरी कर चुकी हैं कृष्णा कुमारी कोहली

कृष्णा कुमारी कोहली 1979 में एक गरीब परिवार में जन्मी हिंदू हैं जिनके पिता किसान थे। कृष्णा ने 12 उम्मीदवार को मैदान में टक्कर देकर ये मुकाम हासिल किया है। जिसके बाद वे सीनेट में बन पाई हैं। शादी के बाद उन्होंने 2005 में सामाजिक काम करना शुरू कर दिया था। 2007 में इस्लामाबाद में हुए मानवाधिकार नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर में कृष्णा को चुना गया था। कृष्णा अपने बचपन में बंधुआ मजदूरी भी कर चुकी हैं। कृष्णा और उनके परिवार को बंधक बनाकर तीन सालों तक बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराया गया था।

भाई के साथ ज्वॉइन किया था पीपीपी-

कृष्णा कुमारी ने अपने भाई के साथ पीपीपी सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर ज्वॉइन किया था। कुछ दिनों बाद इनके भाई यूनियन काउंसिल बेरानो के चेयरमैन चुन लिए गए। कृष्णा ने पिछड़े और बेसहारा लोगों को हक दिलाने व उनके अधिकार के लिए काफी लड़ाइयां लड़ी हैं।

महिलाओं के अधिकार के लिए आवाज उठाने वाली कृष्णा कोहली

कृष्णा के चुनाव लड़ने का मुद्दा पाकिस्तान में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ना ही खासतौर से रहा है। 16 साल की उम्र में उनकी शादी लालचंद से करा दी गई थी। उस समय कृष्णा 9वीं में पढ़ रही थीं। हालांकि, शादी के बाद भी कृष्णा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2013 में सिंध यूनिवर्सिटी से उन्होंने सोशोलॉजी में मास्टर्स की पढ़ाई भी पूरी की।

16 साल में ही कर ली थी शादी

1979 में सिंध के नगरपारकर जिले के गांव में जन्मी कृष्णा की 16 साल में ही शादी करा गदी गई थी। कृष्णा स्वतंत्रता सेनानी रूपलो कोहली के परिवार से वास्ता रखती हैं। कृष्णा के परिवार के लोगों ने एक जमींदार की निजी जेल में करीब तीन साल गुजारे थे। 1857 में जब सिंध पर हुए ब्रिटिश हमले के खिलाफ रूपलो ने भी युद्ध में हिस्सा लिया था। गरीबी में पली बढ़ी कृष्णा नौवीं कक्षा में थीं तब उनका विवाह लालचंद से कर दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने शिक्षा से नाता नहीं तोड़ा। उन्होंने 2013 में सिंध यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की।

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