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पेरिस जलवायु समझौते पर अधिकारिक हस्ताक्षर करने वाला भारत बना 62वां देश

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ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ जंग में अब भारत भी अधिकारिक रुप से शामिल हो गया है। भारत ने पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते को अधिकारिक रुप से मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पेरिस जलवायु समझौते को अधिकारिक रुप से अनुमति देने वाला भारत 62वां देश बन गया है।

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बता दें कि पीएम मोदी ने केरल के कोझिकोड में तीन दिवसीय बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कहा था कि भारत 2 अक्टूबर को पेरिस समझौते पर मुहर लगा देगा। जिसके बाद कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और फिर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के मंजूरी के बाद इसे संयुक्त राष्ट्र संघ में भेजा गया। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने भारत की तारीफ की और कहा कि भारत ने इस समझौते को अधिकारिक अनुमति देकर इसे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बना दिया है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्वीट कर कहा कि ‘ भारत पेरिस समझौते में शामिल हो गांधी जी की विचारों पर आगे बढ़ा है’।

 

हालांकि इस ससझौते को लागू करने में अब भी एक समस्या है। इस समझौते को लागू करने में शर्त यह हैं कि कम से कम 55 देशों द्वारा इसका अनुमोदन किया जाए, जो वैश्विक स्तर पर कुल 55 फीसदी ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करने के लिए जिम्मेदार हो। लेकिन अभी पेरिस समझौते को मंजूरी देने वाले 62 देशों में कुल कार्बन उत्सर्जन 52 फीसदी ही है।

गौरतलब है कि भारत ने इतिहास रचते हुए अप्रैल में पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिस पर 170 से अधिक देश पहले ही हस्ताक्षर कर चुके थे। इस समझौते के माध्यम से तमाम देश विश्व में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एकजुट हुए थे। इस समझौते का मकसद है कि विकसित देश और विकासशील देश ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कौटती कर विश्व में ग्लोबल वार्मिंग को कम करे।

करीब 127 करोड़ जनसंख्या वाले भारत की इस अंतरराष्ट्रीय पहल से ग्लोबल वार्मिंग नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेंगी। साथ ही इस फैसले से भरत ने विश्व को ये संदेश दिया कि भारत तेजी से एक महाशक्ति के तौर पर उभर रहा है।

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