सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मांगा मीडिया से समर्थन

by Taranjeet Sikka Posted on 31 views 0 comments
ARMY CHIEF BIPIN RAWAT ASK FOR SUPPORT FROM MEDIA

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मीडिया से अपील की है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो सेना के राजनीतिकरण रोकने में मदद करे। जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि राजनीति अब सेना में घुस रही है, लेकिन हमें इसे रोकने की जरूरत है। आर्मी चीफ ने कहा कि पुराने समय में फौज में महिलाओं और राजनीति के बारे में बातें नहीं होती थीं। लेकिन कुछ समय से ये बातें सेना में आ रही हैं, जो सेना के हित के लिए सही नहीं है। आर्मी प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने राजधानी दिल्ली में एक सेमिनार में ये बात कही है। इस सेमिनार का थीम था, ‘मीडिया एज ए फोर्स मल्टीप्लायर इन नेशनल सिक्योरिटी।’ दरअसल पिछले कुछ समय से सेना और सेनाप्रमुख के निर्णयों को लेकर काफी आलोचनाएं की जा रही है। जिसमें मुंबई में एक रेलवे स्टेशन पर फुटओवर-ब्रिज बनाने से लेकर यमुना नदी पर पंटून पुल बनाना भी शामिल है।

बाद में मीडिया से बात करते हुए बिपिन रावत ने सफाई दी कि जरूरत के समय में सिविल-गर्वमेंट की मदद करना सेना की जिम्मेदारी है। साथ ही हाल ही में सेना प्रमुख के उस बयान को लेकर भी काफी आलोचना हुई थी कि जिसमें उन्होनें फील्ड मार्शल करियप्पा को भारत रत्न देने की मांग की थी। सेना प्रमुख ने कहा था कि भले ही मीडिया का काम सच्चाई दिखाना है। लेकिन साईक्लोजिकल ऑपरेशन के लिए सेना मीडिया की मदद ले सकती है।

लोकतांत्रिक देश में हम मीडिया को कंट्रोल नहीं कर सकते

जनरल रावत के मुताबिक दुश्मन को ‘सरप्राइज’ करने के लिए भी कभी कभी मीडिया में आधी-सच्चाई और गलत जानकारी दी जाती है। उन्होनें कहा कि हम भारत जैसे देश में मीडिया को कंट्रोल नहीं कर सकते है। ऐसे में जरूरी है कि हम मीडिया को भरोसे में लेकर काम करें। क्योंकि भारत जैसे देश में जहां मीडिया एक बूम है हम मीडिया से अलग-थलग नहीं रह सकते है। डोकलाम विवाद के दौरान मीडिया कवरेज की तारीफ करते हुए जनरल रावत ने कहा कि उस दौरान हमने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया ताकि गलत या आधी-अधूरी जानकारी मीडिया में ना जाए। इसके लिए हमने मीडिया को विवादित-क्षेत्र में जाने की इजाजत नहीं दी थी क्योंकि हम चाहते थे कि जो जानकारी हम दे रहे हैं वही जानकारी मीडिया में आए।

 

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