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बीजेपी के अरमानों पर फिरा पानी, एनडीए का ये साथी छोड़ देगा बीजेपी का साथ

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आने वाले लोकसभा चुनाव में बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच में लम्बे समय से घमासान चल रहा है। जहां पर जेडीयू 40 में से 25 सीटों पर अपना दावा कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है।

क्या है मामला?

साल 2009 में जेडीयू और बीजेपी ने साथ में लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से  जेडीयू ने 25 तो बीजेपी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था। साल 2014 में जेडीयू और बीजेपी का गटबंधन टूट गया था और दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। साल 2019 की अगर बात करें तो बिहार में NDA के साथ गटबंधन को लेकर दोनों पार्टियों में लम्बे समय से घमासान चल रहा है।

इन चार राज्यों में अकेले लड़ेगी जेड़ीयू

दिल्ली के बिहार भवन में रविवार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। जेडीयू के महासचिव और राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता केसी त्‍यागी ने बैठक में सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उनहोंने कहा कि जब तक कांग्रेस आरजेडी जैसी भ्रष्ट पार्टी पर अपना स्टैंड क्लियर नहीं करती है तब तक जेडीयू  कांग्रेस के साथ गटबंधन नहीं करेगी। फिलहाल जेडीयू केवल बिहार में 2019 का चुनाव बीजेपी के साथ लड़ेगी। उनहोंने यह भी कहा कि जेडीयू अन्य राज्यों में भी पार्टी का विस्तार करेगी, लेकिन उन राज्यों में पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी। आपको बता दें कि अक्टूबर-नवंबर में मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जेडीयू इन चार राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी।


‘वन नेशन वन इलेक्शन’

जेडीयू के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता केसी त्यागी ने बताया कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई है। इनमें दो अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जिसमें से सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के विरोध में और ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के समर्थन में प्रस्ताव पास किया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रस्ताव पास करके हमने एक देश एक चुनाव का समर्थन किया है, लेकिन ये आसान नहीं है। लॉ कमीशन को भी हम बताना चाहते हैं कि जेडीयू ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के पक्ष में हैं।

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