Press "Enter" to skip to content

जिसने फेंका था तेजाब, वही अब बना लड़की का हमसफर, कोर्ट से लेकर जनता तक ने किया माफ…

Spread the love

भारत में एसिड अटैक एक बहुत गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। आए दिन मीडिया के अंदर हो या फिर पुलिस में ऐसी वारदातें सामने आती रहती है कि किसी सिरफिरे लड़के ने एक लड़की की जिंदगी को तेजाब में खराब कर दिया। ये वारदातें इतनी घिनौनी होती है कि इसे पढ़कर या लिखकर हर किसी को घिन्न आ जाती है। तो सोचिए कि जिस पर ये बीत जाती है उसका हर दिन कैसे कटता होगा। सिर्फ अपना बदला लेने के लिए कुछ लोग किसी लड़की की जिंदगी को इस हद तक बर्बाद कर देते है कि न तो वो लड़की जीने लायक बचती है और न मरने की हालत में होती है। ऐसा ही एक मामला कुछ समय पहले भी सामने आया था जिसके आरोपी अनिल को हाई कोर्ट ने रिहा कर दिया है।

क्या था मामला ?

तक़रीबन 8 साल पहले एकतरफ़ा प्यार के चलते अनिल ने एक लड़की पर एसिड से हमला कर दिया था। अनिल अपने कॉलेज के दिनों से ही उससे प्यार करता था लेकिन लड़की ने उसके प्यार को ठुकरा दिया था। इस इंकार को अनिल सह नहीं पाया था और उसने लड़की पर एसिड फेंक दिया था। इस हमले में लड़की पूरी तरह से झुलस गई थी। घटना के कुछ दिन बाद ही पुलिस ने आरोपी अनिल को हिरासत में ले लिया था।

 

कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सज़ा : दिसंबर 2013 में खेड़ सेशन कोर्ट ने धारा 326 के तहत आरोपी अनिल को एसिड फेंकने के जुर्म में दोषी करार दिया था और उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। कोर्ट ने आरोपी अनिल पर 25 हज़ार रूपये का जुर्माना भी लगाया था।

पीड़िता को स्किन दान करेगा : अनिल ने कहा था कि वो पीड़िता से शादी करने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं उसने पीड़िता को प्लास्टिक सर्जरी के लिए अपनी स्किन दान करने की बात भी कही थी। कुछ दिन पहले ही अनिल ने पीड़िता से शादी भी कर ली है।

बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर : शादी के बाद आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सज़ा माफ़ कराने की अपील की थी। जिसके बाद कोर्ट ने भी अपने फैसले में नरमी दिखाई थी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माफ़ की सज़ा : बीते 27 जून को हाईकोर्ट ने उसे उम्रकैद की सज़ा से बरी कर दिया है। कोर्ट में लड़का और लड़की दोनों ने कहा कि वो आपसी सहमति के बाद साथ में ही रहना चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वो एक शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। जस्टिस भूषण गवी और सारंग कोटवाल की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी ने बीते सालों में जो सज़ा काटी है वो मौजूदा तथ्यों के आधार पर काफी है।

More from NationalMore posts in National »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.