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नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पहुंचा संसद की स्थाई समिति, डॉक्टरों की हड़ताल हुई बंद

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इंडियान मेडिकल असोसिएशन और दिल्ली मेडिकल असोसिएशन ने जब मंगलवार को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग बिल के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज उठानी शुरु की, दोनों संगठनों ने भारतीय चिकित्सा परिषद को भंग कर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन के प्रस्ताव को मेडिकल शिक्षा और मरीजों के खिलाफ बताया है। आइएमए ने अपने विरोध में आज देशभर के सभी अस्पतालों में हड़ताल कर दी थी।

डॉक्टरों की हड़ताल के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को संसद की स्थाई समिति के पास भेज गया है। इस खबर की जानकारी मिलते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले देश भर में की जा रही डॉक्टरों की हड़ताल को वापस ले लिया गया। बिल के विरोध में भारतीय मेडिकल परिषद को हटाने के साथ ही कई प्रावधान थे जिसका देश भर में डॉक्टर्स ने विरोध किया था

इस बिल को आईएमएस ने ‘जन और रोगी विरोधी’ करार दिया था. इस बिल को आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सदन में पेश किया और इसके बाद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने समिति के पास भेजने का निर्देश दिया साथ ही बजट सत्र के पहले रिपोर्ट देने के लिए कहा.
इससे पहले आज सुबह 6 बजे से निजी और सरकारी के अस्पताल के डॉक्टरों ने इस बिल के विरोध में पूरे देश में ओपीडी सेवाएं रद्द कर दी थीं. लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे हटने से तैयार नही है. वहीं संसद में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि कल आईएमए से बात कर उनकी सारी बातें सुनी गई थीं और सरकार का भी दृष्टिकोण बता दिया गया था.

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