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12 जून को भारतीय पासपोर्ट से नीरव मोदी कर रहा था यात्रा, एजेंसियों की नाक के नीचे से खेल गया खेल…

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करीब 13 हजार करोड़ के पीएनबी बैंक के घोटाले के मुख्‍य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने 12 जून को भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा की थी। नीरव मोदी यूरोस्‍टार हाई स्‍पीड ट्रेन के जरिए ब्रिटेन की राजधानी लंदन से बेल्जियम के ब्रसल्ज शहर गया था। नीरव मोदी ने 12 जून को प्‍लेन की बजाय ट्रेन से यात्रा की थी।

court issued notice to nirav modi and mehul

भारतीय अधिकारियों ने भी यूरोपीय आव्रजन अधिकारियों से इस बात की जानकारी मांगी है। यूरोपीय अधिकारियों ने नीरव मोदी के पासपोर्ट डिटेल को दर्ज किया था। आपको बता दें कि नीरव मोदी का पासपोर्ट 24 फरवरी को ही रद्द कर दिया गया था लेकिन सीबीआई ने 11 जून को इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए अनुरोध किया था।

ed files nirav and mehul 1800 crore property

सीबीआई ने नीरव मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के बाद इंटरपोल से ये अनुरोध किया है। इससे पहले चार्जशीट नहीं होने के कारण इंटरपोल ने नोटिस जारी नहीं किया था। क्योंकि इंटरपोल से हाल ही में मदद मांगी गई है, इसलिए नीरव मोदी ने इसका फायदा उठाया और ब्रसल्‍ज तक की यात्रा ट्रेन से की है। पासपोर्ट रद्द होने के बाद भी नीरव मोदी के यात्रा करने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा कि जांच एजेंसियां जब बताएंगी तभी हम ये जान पाएंगे कि वो कैसे भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा है।

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अधिकारियों ने कहा कि नीरव मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने और उसके यात्रा प्रतिबंधों के बारे में इंटरपोल को जांच एजेंसियां जानकारी दे रही हैं। ब्रसेल्‍स में भी भारतीय अधिकारियों ने बैंक अधिकारियों और वित्‍तीय प्रतिष्‍ठानों को नीरव मोदी के खिलाफ चल रही जांच के बारे में बता दिया है। इसके साथ ही वित्‍तीय लेन-देन को रोकने के लिए भी कहा है। इस बीच सूत्रों का मानना है कि इस तरह के कदमों का नीरव मोदी के व्यापार पर शायद ही कोई असर पड़ेगा। नीरव मोदी अपने पिता द्वारा शुरू की गई फर्जी कंपनियों के जरिए कारोबार जारी रख सकता है।

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आपको बता दें कि जांच एजेंसियों को पता चला है कि नीरव मोदी के पास आधा दर्जन पासपोर्ट हैं। इस मामले में नई FIR दर्ज करने की तैयारी की गई है। एक पासपोर्ट पर नीरव का पूरा नाम है तो वहीं दूसरे पर केवल पहला नाम है। इसपर 40 महीनों के लिए यूके का वीजा भी जारी किया गया है। सवाल ये खड़ा होता है कि सरकार द्वारा इसी साल पासपोर्ट रद्द किए जाने के बावजूद वो एक देश से दूसरे देश के चक्कर कैसे लगा रहा है। इसके बाद में उसका दूसरा पासपोर्ट भी रद्द कर दिया गया था।

इंटरपोल से नीरव मोदी के अरेस्ट वॉरंट की मांग कर रही जांच एजेंसियों के ऐप्लिकेशन में भी पासपोर्ट रद्द करने के आदेश की कॉपी लगाई गई है। एक से ज्यादा पासपोर्ट का इस्तेमाल करना भी जुर्म है। इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये एक अपराध है और आंतरिक जांच पूरी होने के बाद ही नीरव मोदी पर नई एफआईआर फाइल की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बात की भी जांच हो रही है कि नीरव मोदी किसी दूसरे देश द्वारा जारी किए गए पासपोर्ट का तो इस्तेमाल नहीं कर रहा था।

आपको बता दें कि नीरव मोदी पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के केसों के चलते सीबीआई और ईडी ने इंटरपोल से उनके खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी करने की दरख्वास्त की थी। सूत्रों का कहना है कि अगर एक बार नीरव मोदी की स्थिति का पता चल जाता है तो सरकार प्रत्यर्पण के लिए प्रयास कर सकती है। पिछले महीने ही परिवार के पास 8000 करोड़ की संपत्ति होने का पता चला। इस आधार पर ईडी मुंबई की अदालत से उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित करने की भी मांग करेगी।

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