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कांग्रेस का उपवास में भी घोटाला, मंच में पहुंचने से पहले नेताओं की पेटपूजा

देशभर में दलितों पर बढ़ रहे अत्याचार को लेकर सियासत काफी गर्मायी हुई है। वहीं इस पर कांग्रेस पार्टी ने अपना विरोध जताते हुए उपवास रखने का एलान किया था। जिसके लिए खुद राहुल गांधी राजघाट पहुंचे थे। लेकिन उपवास से पहले ही कांग्रेस की राजीनीति लोगों के सामने आ गई। हाल ही में एक तस्वीर सामने आई है जिसने कांग्रेस की पोल खोल दी है। इस तस्वीर में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, हारुन यूसुफ और अरविंदर सिंह लवली छोले-भटूरे खाते हुए नजर आ रहे हैं।

इस तस्वीर के सामने आने के बाद अरविंद सिंह लवली ने अजीब ही सफाई पेश की है कि, उपवास तो 10 बजे से था ये तस्वीर तो सुबह 8 बजे की है। इसके साथ ही कई लोगों ने सवाल उठाने शुरु कर दिए हैं कि जब उपवास का समय 10 बजे से निर्धारित था तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पौने एक बजे के करीब राजघाट क्यों पहुंचे। अब देखा जाए तो कांग्रेस का ये देशव्यापी उपवास शुरु से लेकर अब तक विवादों में ही नजर आ रहा है। इससे पहले राजघाट में ही राहुल के पहुंचने से पहले कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से वापस भेजने के बाद बवाल हो गया था।

आज कांग्रेस दलितों पर अत्याचार, संसद न चलने देने और सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दे पर पूरे देश में अनशन कर रही है। अशोक गहलोत की तरफ से पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्षों, एआईसीसी महासचिवों/प्रभारियों और विधायक दल के नेताओं के भेजे गए दिशा निर्देश में कहा गया है कि सांप्रदायिक सौहार्द को बचाने और बढ़ाने के लिए सभी राज्यों और जिलों के कांग्रेस मुख्यालयों में 9 अप्रैल को उपवास रखा जाए।

दूसरी तरफ शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में निश्चित किया गया है, बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को उपवास रखें। दलितों के मामले में जिस तरह के तूल पकड़ा और भारत बंद के दौरान जो हिंसा हुई उसके पीछे बीजेपी विपक्ष को आरोपी ठहरा रही है। जाहिर है कांग्रेस और बीजेपी दोनों उपवास कर अपने अपने ढंग से दलितों का समर्थन हासिल करने और उनके हक में खड़े होने की कोशिश कर रही है।

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