वह भारतीय महिला जो बनी आंदोलन का प्रतीक, गंवाई अपनी जान और बदल दिया इस देश का घटिया कानून

मां बनने किसी भी औरत के लिए सबसे बड़ी खुशनसीबी होती है लेकिन जब एक मां को अपनी औलाद खोनी पड़ जाती है तो वह उसके लिए सबसे बड़ा पीड़ा का कारण बन जाती है, लेकिन जरा सोचिए अगर एक मां का बच्चा भी खो जाए और उसे एक देश के घटिया सोच और कानून की वजह से अपनी भी जान गवानी पड़ जाए तो इससे बुरा और क्या होगा।

दरअसल, 6 साल पहले पेशे से डेंटिस्‍ट और भारतीय मूल की सविता हलप्पनवार(31) को आयरलैंड में पता चला कि उनके 17 हफ्ते की प्रेगनेंसी में कुछ समस्‍याएं हैं। उन्‍होंने डॉक्टर्स से गर्भपात करने को कहा लेकिन कैथोलिक देश होने की वजह से गर्भपात संबंधी कानूनों के कारण उनको इजाजत नहीं मिली। शुरू में डॉक्‍टरों ने माना कि उनकी जान को खतरा नहीं है और उनका इलाज होता रहा, लेकिन इसी बीच रक्‍त संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और अक्‍टूबर, 2012 में सविता की मौत हो गई।

दरअसल आयरलैंड के कानून के मुताबिक महिला की जान को खतरा होने की स्थिति में ही गर्भपात की इजाजत दी जा सकती थी और किसी भी दूसरे मामलों में इजजात नहीं है, यहां तक की बलातकार के मामले में भी नहीं। सविता की मौत ने देश में गर्भपात पर चर्चा छेड़ दी और इन सख्‍त नियमों को उदार करने की देशव्‍यापी बहस शुरू हो गई।

इसका नतीजा यह हुआ कि अब 6 साल बाद आयरलैंड में गर्भपात पर प्रतिबंध हटाने से जुड़े एक जनमत संग्रह में 66.4 प्रतिशत लोगों ने समर्थन किया है। यह पूरा आंदोलन यस(YES) नाम से चला और सविता की तस्‍वीर इसका प्रतीक बनी और पूरे देश में बदलाव के लिए वोट करने की मां शुरू हो गई। लिहाजा इस ऐतिहासिक जनमत संग्रह के बाद सविता के पिता आनंदप्पा यालगी ने कर्नाटक स्थित अपने घर से कहा कि उन्हें आशा है कि आयरलैंड के लोग उनकी बेटी को याद रखेंगे।

उन्होंने कर्नाटक में अपने घर से फोन पर ‘द गार्डियन’ को बताया ‘मैं उसके बारे में हर दिन सोचता हूं. आठवें संशोधन के कारण उन्हें चिकित्सा उपचार नहीं मिला। उन्हें कानून बदलना होगा। ’ वहीं अब आयरलैंड में महिलाओं के पक्ष में ऐतिहासक बदलाव होने जा रहा है।

Tags:

  • Show Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

comment *

  • name *

  • email *

  • website *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You May Also Like

china warn india for doklam

चीनी सेना की फिर से भारत को धमकी, पहले डोकलाम से अपनी सेना हटाए

सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम में भारत के साथ सैन्य तनातनी के बीच चीन लगातार ...

woman-teacher-jailed-for-30-years-for-raping-with-school-student

हर दिन अलग-अलग नाबालिग स्टूडेंट से संबंध बनाती थी ये टीचर, मिली ये खौंफनाक सजा

‘’गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाँय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय ||’’ ...

constitution, army, rss keeps nation safe

संविधान, लोकतंत्र और सेना के बाद आरएसएस है देशवासियों का रक्षक: पूर्व जस्टिस

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस के.टी. थॉमस ने एक बयान दिया है जिसमें उन्होंने ...

anna will protest for lokpal again from this date

फिर गूंजेगा लोकपाल का मुद्दा इस तारीख से अन्ना करने जा रहे हैं आंदोलन

आज समाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने जनलोकपाल के लिए आगरा में फिर से हुंकार ...

no one is guilty in 2g spectrum

देश का सबसे बड़ा घोटाला, और अब कोई दोषी नहीं

देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक माने जाने वाले 2जी घोटाले में ...