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EID Mubarak: क्या है ईद उल-फितर, क्यों कहा जाता है इसे मीठी ईद…

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मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार ईद आज मनाया जा रहा है। हिन्‍दी में ईद का मतलब त्योहार या पर्व होता है। मुसलमानों के लिए ये एक ऐसा दिन है जब वो खुशियां मनाते हैं, दावत का लुत्फ उठाते हैं और नए कपड़े पहना करते हैं और मस्जिद में जाकर खुदा की इबादत करते हैं। ईद के जश्न में सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लेते हैं।

ईद का दिन चांद तय करता है और कल ये चांद दिख गया है। रमजान की आखिरी रात का चांद ही बताता है कि अगले दिन ईद होगी या नहीं। इस बार भारत में केरल राज्य को छोड़कर ईद 16 जून को मनाई जा रही है। आपको बताते हैं कि आखिरकार ईद क्या होती है और क्यों मनाई जाती है।

ईद क्या है?

ईद का मतलब है जश्न मनाना और इस्लाम में साल में दो बाद ईद मनाई जाती है। पहली मीठी ईद जिसे ईद उल-फितर कहा जाता है और वहीं दूसरी बकरी ईद जिसे ईद उल-जुहा कहा जाता है। रमजान के महीने में 30 दिन के रोजे रखने के बाद जो ईद मनाई जाती है उसे ईद-उल-फितर कहा जाता है। इसे आम भाषा मे मीठी ईद भी कहा जाता है। वहीं, बकरीद को कुर्रबानी की ईद माना जाता है। बकरी ईद को रमजान खत्म होने के 70वें दिन मनाया जाता है।

ईद उल-फितर क्यों मनाई जाती है?

ऐसी मान्‍यता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र के युद्ध में विजय हासिल की थी, इसी खुशी में ईद उल-फितर मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि पहली बार ईद उल-फितर सन 624 ईस्वी में मनाई गई थी। इस दिन मीठे पकवान बनाए और खाए जाते हैं। अपने से छोटों को ईदी दी जाती है। दान देकर अल्लाह को याद किया जाता है। इस दान को इस्लाम में फितरा कहा जाता हैं। इसलिए भी इस ईद को ईद उल-फितर कहा जाता है। इस ईद में सभी आपस में गले मिलकर अल्लाह से सुख-शांति और बरक्कत के लिए दुआएं मांगते हैं।

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