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अब से अगले 1000 साल तक जब-जब ताजमहल की बात होगी तो आपको ये कुत्ता जरूर याद आएगा…

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आजकल हर काम में लापरवाही होने लगी है, फिर चाहे वो देश का विकास कार्य हो या फिर कोई और काम ही क्यों न हो। अकसर देखा जाता है कि मासूम जानवरों के साथ लोग बुरा बर्ताव करते है लेकिन एक बात अभी तक समझ नहीं आ रही है कि आखिर इन लोगों को ये हक दिया किसने है। किसी बेजुबां को मारने का अधिकार आपको नहीं है। अगर आप किसी बेजुबां को खाना नहीं खिला सकते तो कोई बात नहीं लेकिन कम से कम थोड़ा प्यार तो दे ही सकते है।

 

आपको बता दें कि यूपी के आगरा में सड़क निर्माण में भयंकर लापरवाही देखने को मिल रही है। यहां की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कुछ लापरवाह कर्मचारियों ने एक सोते हुए मासूम कुत्ते के ऊपर ही सड़क बनवा दी और गर्म चारकोल, कंक्रीट की वजह से बेचारे मासूम ने उसी समय दम तोड़ दिया। लोगों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया है।

ये मामला ताजमहल के नजदीक फूल सैयद चौराहे का है जहां पर सड़क निर्माण का काम चल रहा है और इसी काम को जारी रखते हुए कर्मचारी चौराहे के पास से सड़क पर कंक्रीट और चारकोल डाल रहे थे। वहीं पास में चौराहे पर किनारे में एक मासूम कुत्ता सो रहा था। लेकिन उस मासूम को ये नहीं पता था कि कुछ लोगों की लापरवाही की वजह से वो कभी उठ नहीं पाएगा। एक हैरान कर देने वाली बात ये भी है कि किसी कर्मचारी की उसपर निगाह नहीं पड़ी या फिर कर्मचारी इतने ज्यादा लापरवाह है। उन लोगों ने अपनी लापरवाही की वजह से सोते हुए कुत्ते के ऊपर ही गर्म चारकोल और कंक्रीट बिछा दी और मासूम की जान ले ली।

अगली सुबह जब लोग सड़क पर निकले तो कुत्ते को सड़क में दबा देखकर हैरान हो गए। इसके बाद तुरंत सड़क को तोड़कर उन्होंने कुत्ते को वहां से निकाला और दफ्न कर दिया गया। अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस सड़क निर्माण का काम नामी कंपनी आरपी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है जिसके बाद कुछ पशु एक्टिविस्ट ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग भी की है।

इस मामले में उचित कार्रवाई करने हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इन चार लोगों में निर्माण कंपनी का सुपरवाइजर, रोड रोलर का ड्राइवर और दो मजदूर शामिल हैं। यह मामला वायरल होते हुए बीजेपी की केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की संस्थान पिपुल फॉर एनिमल (पीएफए) तक पहुंच गया और उसके बाद ही पुलिस ने सड़क बना रही कंपनी आरपी कंस्ट्रक्शन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया था।

शायद कई लोग पशु क्रूरता अधिनियम के बारे में न जानते हो तो उनके लिए बता दें कि ये धारा 429 होती है। धारा 429 के तहत किसी भी मूल्य के पशु को घायल, विकलांग करने या उसकी जान लेने पर पांच साल तक की सजा दी जा सकती है। लेकिन एक बात साफ कर दें कि साहब हमें विकास चाहिए लेकिन ऐसा विकास नहीं चाहिए जिसमें किसी बेजुबां को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाए।

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