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योगी सरकार बचा सकती थी लोगों की जान, अगर उठाया गया होता ये कदम…

वाराणसी में बीती रात हुए हादसे में 18 लोगों की मौत के बाद से पूरे देश में कोहराम मचा हुआ है। देश भर के लोग इस घटना को लेकर अपना दुख प्रकट कर रहे हैं। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि जिन लोगों की जान गई हैं उनकी जान बचाई जा सकती थी, अगर प्रशासन ने कुछ जरूरी कदम उठाए होते।

दरअसल, योगी सरकार ने इस पुल का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश जारी किए थे। फ्लाईओवर का निर्माण मार्च 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अधिकारियों ने वाहनों के दबाव का हवाला देकर अक्टूबर 2019 तक काम को पूरा करने के लिए वक्त मांगा था। नियम के मुताबिक इस तरह के निर्माण के दौरान कार्यस्थल को पहले से ही सील कर दिया जाता है। निर्माण क्षेत्र से 4-4 फीट दाएं और बाएं बैरीकेडिंग की जाती है और लाल झंडे और लाइटें लगाई जाती हैं, लेकिन वाराणसी में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया था।

फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर कई बार प्रशासन को अलर्ट किया गया। इस पुल का निर्माण रूट डायवर्ट करने के लिए भी कहा गया था। साथ ही कहा जा रहा था कि ऐसा नहीं किया गया तो हादसा हो सकता है, लेकिन फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान रूट डायवर्ट नहीं किया गया था। जिसके चलते इतने लोग हादसे का शिकार हो गए।

आपको बता दें कि, वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के पास एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के एक हिस्से के गिरने से लगभग 20 लोगों की मौत हो गई है। निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में बचाव और राहत का काम पूरा हो चुका है। एनडीआरएफ के डीआईजी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि बीम को क्रेन की मदद से हटाया जा चुका है। भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में निर्माणधीन पुल के दोनों ओर दीवार खड़ी की जाएगी और निर्माण कार्य फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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