PM मोदी ने नई मेट्रो लाइन, एक्सप्रेस वे का किया उद्घाटन, कांग्रेस पर जमकर बोला हमला…

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली और एनसीआर को एक साथ 2 गिफ्ट दिए हैं। पीएम मोदी ने पीएमजी एक्सप्रेस-वे और बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन किया है। इस उद्घाटन के लिए पीएम मोदी कुछ देर पहले गुरुग्राम से सटे सुल्तानपुरी गांव पहुंचे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी वहां मौजूद थे और उन्होंने पुष्प और रथ भेंट कर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।

विकास योजनाओं के उद्घाटन समारोह और जन विकास रैली में मंच पर पीएम मोदी पहुंचे। उन्होंने वहां उपस्थित जन समूह का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। पीएम कौशल विश्वविद्यालय के परिसर का भी शिलान्यास किया। आपको बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके साथ ही बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक का भी शुभारंभ राजा नाहर सिंह स्टेशन से किया।

वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के इस हिस्से की सौगात मिलने से राजधानी दिल्ली को एक नई रिंग रोड को तोहफा मिलेगा। इससे राजधानी दिल्ली को दो मोर्चों पर बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली में भारी वाहनों का दबाव घटेगा और इससे ट्रैफिक जाम में आएगी साथ ही प्रदूषण भी कम होगा। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले सुल्तानपुर पहुंचे और हरियाणा में बीजेपी सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित की जा रही जन विकास रैली को भी संबोधित किया।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि पहले सरकार में जहां चार साल में सिर्फ 59 पंचायतें ही ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ पाई थीं। वहीं, हमारी सरकार में इन चार सालों में अब तक एक लाख से अधिक पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा चुका है।

दिल्ली को तीसरी रिंग रोड:

राजधानी दिल्ली को जाम से मुक्त करने के लिए 2 रिंग रोड बन चुकी हैं। इसमें इनर और आउटर रिंग रोड शामिल हैं। इन्हें महात्मा गांधी मार्ग या मुद्रिका मार्ग या रिंग रोड के नाम से जाना जाता है। दूसरी रिंग रोड का नाम डॉ. हेडगेवार मार्ग या बाहरी रिंग रोड है। अगर दोनों की लम्बाई मिला दी जाए तो ये कुल 87 किलोमीटर है। इन रिंग रोड से दिल्ली के परिवहन व्यवस्था मजबूत हुई थी, लेकिन दिल्ली के बाहर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से रिंग रोड बनी है।

आपको बता दें कि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (केजीपी) का उद्घाटन प्रधानमंत्री 27 मई को पहले ही कर चुके हैं। इससे दिल्ली को सबसे अधिक लाभ होगा। वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे खुलने से चार लाख से अधिक वाहनों को दूसरे राज्यों में जाने के लिए दिल्ली में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। एक अनुमान लगाया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे खुलने से दिल्ली के प्रदूषण में 20 फीसदी तक कमी आएगी।

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