Press "Enter" to skip to content

कमल, हाथी और पंजा क्या है इन चुनाव चिह्नों का मतलब…

Spread the love

भारत में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसमें हर बार देश के करोड़ों लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं, जिसमें वो अपनी पसंदीदा पार्टी या फिर उम्मीदवार को वोट देते हैं। किसी भी चुनाव में चुनाव चिह्न बहुत अहम होता है। लोकतंत्र में राजनीतिक पार्टियां अपने चुनाव चिह्न पर ही चुनाव लड़ती हैं। यह चुनाव चिह्न पार्टियों की रणीतियों को भी प्रदर्शित करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैसे इन चुनाव चिह्न का चयन किया गया और क्यों?

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जिसको वर्तमान में बीजेपी के नाम से जाना जाता है। उस समय भारतीय जनसंघ का चुनाव चिह्न ‘दीपक’ हुआ करता था। साल 1977  में भारतीय जनसंघ को जनता पार्टी कहा जाने लगा था और उसने अपने चुनाव के लिए चिह्न ‘हलधर किसान’ को बनाया था। साल 1980 में इसी पार्टी का नाम बीजेपी हो गया था, जिसका चुनाव चिह्न ‘कमल का फूल’ निर्धारित किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि हिन्दुत्व पार्टी होने के कारण बीजेपी ने मां सरस्वती के सिंहासन को अपना चिह्न चुना था। वहीं दूसरी ओर कमल कीचड़ में उगता है लेकिन उस पर कीचड़ का  कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसी प्रकार बीजेपी के संस्थापकों ने भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति के लिए बीजेपी के लिए कमल का चयन किया था।

कांग्रेस

साल 1885 में कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘हल के साथ दो बैल’ हुआ करता था। उसके बाद इस चिह्न को बदल कर ‘गाय-बछड़ा’ कर दिया गया था। मौजदूा वक्त में कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘पंजा’ है। इसका सबसे पहले इंदिरा गांधी ने इस्तेमाल किया था। उस ज़माने में कांग्रेस के नेता अपना हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया करते थे और उत्साहित समर्थक भी अपना हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया करते थे। जिसके बाद हाथ को ही कांग्रेस ने अपना लिया था। उनका मानना था कि हाथ का पंजा शक्ति, ऊर्जा और एकता का प्रतीक है।

समाजवादी पार्टी (एस पी)

समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ है। जनता दल के बिखरने के बाद समाजवादी पार्टी का गठन हुआ था। जब कई बड़ी पार्टियों ने पूरे भारत पर अधिकार कर लिया था, उस समय एक बदलाव की ज़रुरत थी। साइकिल इसी बदलाव के साथ-साथ आम आदमी के द्वारा उपयोग किए गए यातायात के साधन को भी दर्शाती है। इसके साथ-साथ साइकिल मंजिल तक पहुंचने का साधन भी है।

बहुजन समाज पार्टी (बी एस पी)

बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिह्न ‘हाथी’ है। बहुजन समाज पार्टी एक दलित पार्टी है। असम और सिक्किम के अलावा देशभर में पार्टी इसी चिह्न से चुनाव लड़ती है। हालांकि वर्तमान में इन दोनों राज्यों में बसपा का कोई दखल नहीं है इसलिए असम और सिक्किम के लिए पार्टी का चुनाव चिह्न भी अभी निर्धारित नहीं किया गया है। हाथी शारीरिक शक्ति और इच्छाशक्ति का प्रतीक होता है। उच्च वर्ग के खिलाफ दलितों के सशक्तीकरण के लिए हाथी को चिह्न के तौर पर चुना गया था।

आम आदमी पार्टी (आप)

आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ है। राजनीति में भरी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए इस पार्टी का गठन हुआ था। झाड़ू श्रमिक के गौरव का प्रतीक है। इस प्रकार झाड़ू को आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न के तौर पर चुना गया था।

More from National PoliticsMore posts in National Politics »
More from PoliticsMore posts in Politics »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.