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इस हिंदू महिला ने पाकिस्तान में मचा रखी है खलबली, चुनाव में कट्टर मुसलमान उम्मीदवारों के लिए बन गई है परेशानी

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पहली बार पाकिस्तान के सिंध प्रांत से एक हिंदू महिला चुनाव लड़ने की तैयारी में है। मुस्लिम बहुल पाकिस्तान से पहली बार एक हिंदू महिला चुनाव लड़कर इतिहास रचने वाली है। ये चुनाव सिंध प्रांत की असेंबली का है।

31 साल की सुनीता परमार मेघवार समुदाय से ताल्लुक रखती है और सुनीता ने थारपरकर जिले में सिंध असेंबली निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन भर दिया हुआ है। आपको बता दें कि पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू आबादी इसी जिले में रहती है।

आपको बता दें कि सुनीता परमार का कहना है कि उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पहले की सरकारें उनके क्षेत्र के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में असफल रही है। सुनीता का मकसद अपने क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाना है। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में काफी ज्यादा दिक्कत है। कई किमी दूर तक जाकर वहां पर महिलाओं को पानी भरना होता है।

साथ ही वो अपने अध‍िकारों के लिए महिलाओं को भी जागरूक करेंगी। सुनीता ने कहा कि पिछली सरकारों ने इस इलाके के लिए कुछ भी नहीं किया है और 21वीं सदी में रहते हुए भी महिलाओं के पास मूल स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं और ना ही कोई शैक्षणिक संस्थान है।

परमार का कहना है कि उन्हें अपनी जीत पर पूरा भरोसा है। और उन्हें उम्मीद है कि लोग उनका साथ जरूर देंगे। परमार ने कहा कि वो 21वीं सदी की महिला है और शेर से लड़ने के लिए भी वो पूरी तरह से तैयार है। आपको बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने है।

इससे पहले साल 2013 के चुनावों में नवाज शरीफ की पार्टी को जीत मिली थी, लेकिन भ्रष्टाचार सामने आने की वजह से उनके और उनकी पार्टी के लिए मुसिबतें बढ़ गई है। आम चुनावों में ये माना जा रहा है कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की तरफ से मौजूदा सत्तारुढ़ पार्टी को टक्कर मिल सकती है।

महिलाओं के लिए हमेशा से ही पाकिस्तान को असुरक्षित देश माना जाता है। खास रूप से हिंदू महिलाओं के लिए पाकिस्तान में जीना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे बहुत से मामले मीडिया में आते रहते हैं कि महिलाओं को जबरदस्ती पाकिस्तान में अगवा कर लिया जाता है और उनका धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता है और उनकी मुसलमान लड़कों से शादी करवा दी जाती है।

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