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घूम-घूमकर माफी मांगने के बाद, वापस पुराने लहजे में लौटे सीएम केजरीवाल

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2019 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी के साथ ही साथ आम आदमी पार्टी भी नींद से जाग गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद को बागी के तौर पर पेश किया था और अब वह राजधानी दिल्ली में फिर से सक्रिय हो गए है। पहले भी देखा जा चुका है कि अरविंद केजरीवाल खुद को अराजकतावादी भी कहते थे। इस बार केजरीवाल का धरना थोड़ा अलग होगा क्योंकि इस गर्मी के मौसम में उन्होंने आंदोलन करने के लिए सड़क को नहीं बल्कि दिल्ली के एलजी के रूम के वेटिंग रूम को चुना है। क्योंकि वहां उन्हें गर्मी भी नहीं सहनी पड़ेगी।

केजरीवाल को ये धरना आ रहा है रास

आपको बता दें कि कल शाम केजरीवाल अपने तीन सबसे विश्वासपात्र सहयोगियों मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय के साथ उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर पहुंचे और वहां जाकर मेहमानों के कमरे पर कब्जा जमाकर बैठ गए। उसके बाद उन्होंने ट्वीट कर देश की जनता के लोगों को ये बताया कि अब उन्हें काम-काज से दूर रहने का और धरना-प्रदर्शन करने का एक और नया उपाय मिल चुका है और उनके इन ट्वीट से साफ पता चल रहा है कि उन्हें धरना करने का ये तरीका खूब रास आ रहा है।

कुमार विश्वास भी मैदान में उतरे

केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के ट्वीट के बाद केजरीवाल और सिसोदिया के साथ उनके पूर्व साथी और विद्रोही नेता कुमार विश्वास भी ट्वीट के जरिए मैदान में उतर गए। हम इस बात को भी नजर अंदाज नहीं कर सकते कि आप में अभी भी कई ऐसे कार्यकर्ता है जो कुमार विश्वास के कट्टर समर्थक है। वो बात अलग है कि ये समर्थक किसी बड़े पद पर नहीं है सिर्फ आप के कार्यकर्ता है।

आईएएस अधिकारियों के हड़ताल के खिलाफ धरना

बताया जा रहा है कि कल अरविंद केजरीवाल दिल्ली के एलजी अनिल बैजल से मुलाकात करने गए थे और वहां वह अपने तीन साथियों के साथ पहुंचे। उन्होंने एलजी महोदय से मुलाकात के दौरान ये मांग रखी कि दिल्ली के सभी कार्यरत आईएएस अफसरों को तत्काल प्रभाव से बुलाकर उन्हें अपनी तीन महीने पुरानी हड़ताल तोड़ने का आदेश दिया जाए। केजरीवाल और उनके सभी साथियों ने साफ कह दिया है कि वह तब तक अपना धरना खत्म नहीं करेंगे, जब तक उनकी मांगें मान नहीं ली जातीं।

 

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