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मोदी-शाह का यह दाव 2019 में फिर बनाएगा बीजेपी की सत्ता

कर्नाटक चुनाव की तारीख नजदीक हा गई है और साथ ही 2019 में होने वाले चुनाव भी नजदीक आते जा रहे है। बीजेपी अगले साल लोकसभा चुनाव के लिये उन 90 सीटों को जीतने के लिए रणनीति बना रही है जहां पिछले चुनाव में बीजेपी को दूसरा स्थान लेकर ही संतोष करना पड़ा था। इसके लिए कम से कम 18 केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को पांच सीटों का ‘पालक’ बनाकर अभियान चलाया जाएगा । इसके साथ ही बीजेपी का ध्यान उन 142 सीटों पर भी है जहां से बीजेपी को आज तक कभी जीत हासिल नहीं हुई। ये सीटें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में हैं। बीजेपी के एक नेता ने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया है कि इनमें से कुछ सीटें ऐसी भी हैं जहां पर पिछले चार सालों में बीजेपी की स्थिति पहले से काफी मजबूत होती हुई नजर आई है।

इस रणनीति को काम में लाने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने काम करना सुरू कर दिया है और इसी महीने से अलग-अलग प्रदेशों में जाकर वहां की 5-5 लोकसभा सींटों के लिए अपने दौरे की शुरुआत कर दी है। अप्रैल के पहले हफ्ते में शाह ने सबसे पहले उड़ीसा का दो दिन का दौरा किया और वहां जाकर 5 लोकसभा सीटों को कवर किया । इन दौरों के तहत अमित शाह ने खास तौर पर पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करना, बूथ प्रमुखों का सम्मेलन करना और रोड शो की मदद से आम लोगों से सीधे संपर्क बनाया और लोगों का ध्यान अपनी ओर केंद्रित किया।

इसी कड़ी में अमित शाह ने 21 अप्रैल को भी उत्तरप्रदेश का दौरा किया । इस दौरे के दौरान उन्होंने रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ सीटों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को भी उन्होंने सम्बोधित किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद अमित शाह मई के दूसरे हफ्ते में राजस्थान का दौरा करेंगे जहां हाल ही में पार्टी को लोकसभा की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ा था।

इन 90 सीटों पर अफनी जीत का परचम लहराने के लिए बीजेपी ने अपनी बनाई गई योजना के तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को पांच पांच सीटों का समूह बनाकर जिम्मेदारी दी है। आपको बता दें कि इन नेताओं में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, जे पी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, प्रकाश जावड़ेकर, मनोज सिन्हा, नरेंद्र सिंह तोमर, पी पी चौधरी, गजेन्द्र सिंह शेखावत आदि के नाम शामिल हैं। खास तौर पर इस योजना के लिए ऐसे मंत्रियों का चयन किया गया है जिनके पास संगठनिक अनुभव भी है।

बीजेपी की इस योजना के तहत वो दो करोड़ मतदाता शामिल हैं जो साल 2000 में पैदा हुए हैं और 2019 में वह पहली बार वोट डालने वाले है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी सांसदों, विधायकों एवं नेताओं से इन गांवों में दो दो रातें गुजारने को कहा है ।

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