राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुए पूरे, 20 जुलाई को चुना जाएगा देश का अगला राष्ट्रपति

by Taranjeet Sikka Posted on 20 views 0 comments
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राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान पूरे हो गए हैं। सभी दिग्गज राजनेताओं ने इस प्रक्रिया में भाग लिया तो वहीं जहां एक तरफ बीजेपी के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की पकड़ मजबूत नजर आ रही हैं तो दूसरी ओर विपक्ष ने नतीजे ाने से पहले ही अपनी हार मान ली है। आपको बता दें कि इस चुनाव के नतीजे 20 जुलाई को आएंगे और जो भी इस चुनाव में जीता जाएगा वो 25 जुलाई को देश केमहामहीम के रूप में शपथ लेगा।

 

राष्ट्रपति पद के चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है विपक्ष ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल और नेश्नल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला दोनों ने ये बात कुबूल कर ली है कि रामनाथ कोविंद जीत चुके है।

 

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने राष्ट्रपति चुनाव में वोट डाले। उन्होंने कहा है कि चुनाव में क्रॉस वोटिंग हो रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपना वोट डाला।

 

राष्ट्रपति पद के लिए सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट डाला। प्रधानमंत्री मोदी के साथ अमित शाह ने संसद भवन में वोट डाला, तो वहीं देश के सबसे बड़े राज्य यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सांसद के तौर पर यूपी विधानसभा में वोट डाला। योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केश्व प्रसाद मौर्या ने भी वोट डाला। सभी कैबिनेट मंत्री संसद भवन पहुंच कर अपन वोट डाल रहें हैं। इसके अलावा विधायक विधानसभाओं में वोट डालेंगे। बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी अपना मत संसद भवन में डाला।

 

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हो रहे मतदान को लेकर काफी गहमागहमी हो रही है। इस दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना भी बड़ गई है। महाराष्ट्र के एक निर्दलीय विधायक रवि राणा ने दावा किया है कि करीब 25 विपक्षी दलों के विधायक भी एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। महाराष्ट्र में साथ सरकार चला रही बीजेपी और शिवसेना पहले से ही रामनाथ कोविंद के साथ खड़ी हैं। अब विपक्ष में खड़ी कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के भी कुछ विधायक अगर क्रॉस वोटिंग करते हैं तो फिर कोविंद के पक्ष में आंकड़ा और ज्यादा बढ़ जाएगा। लेकिन गुजरात बीजेपी के विधायक ने कोविंद के खिलाफ वोट डालने की बात कही है। वहीं टीएमसी में भी क्रॉस वोटिंग के आसार बन गए है। त्रिपुरा में टीएमसी के 6 विधायक कोविंद के पक्ष में वोट डालेंगे। जिससे पहले ममता बनर्जी ने मीरा कुमार को समर्थन देने का ऐलान किया था। और साथ ही शिवपाल ने भी समाजवादी से हट कर कोविंद को वोट देने की बात कही थी।

 

विधानसभाओं में भी वोटिंग का सिलसिला शुरु हो गया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने वोट डाला। तो वहीं महाराष्ट्र जेल में बंद विधायक छगन भुजबल और रमेश कदम को राष्ट्रपति चुनाव में वोट करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में लाया गया है। वहीं मध्यप्रदेश विधानसभा में भी मतदान शुरु हो गया है और मुख्यमंत्री शिवराज ने अपना वोट डाला।

 

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी जीते अगला राष्ट्रपति दलित समुदाय से होगा। ये दलित आंदोलन के लिए बड़ी जीत है।

 

पीएम मोदी ने मानसून सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से बात करते हुए इस सत्र के अहम होने की बात कही है। उन्होंने इस मौके पर जीएसटी के लागू होने की कामयाबी की चर्चा की है। उन्होंने मानसून सत्र से पहले किसानों को नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र इसलिए भी अहम है क्योकि इसी सत्र में देश को नए राष्ट्रपति मिलेंगे। जिसके लिए पहला वोट प्रधानमंत्री मोदी ही डालेंगे। पीएम के साथ अनंत कुमार और जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे।

 

देश के 14वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज वोटिंग होनी है। चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नए राष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का मुकाबला विपक्षी उम्मीदवार और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार से है। चुनाव आयोग ने वोटिंग के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संसद भवन के अलावा हर राज्य की विधानसभाओं में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। संसद के दोनों सदनों में जहां सांसदों की वोटिंग की व्यवस्था की गई है, वहीं राज्य विधानसभाओं में वहां के निर्वाचित सदस्य वोट डालेंगे। 20 तारीख को देश का पहला नागरिक कौन बना है इसका परिणाम आएगा।

 

कोविंद का पलड़ा भाड़ी!

आपको बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है, जिसके अगले दिन यानी 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति पदभार ग्रहण करेंगे। सियासी समीकरणों को देखें तो इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है। राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल दोनों उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार दलित समुदाय से आते हैं और उन्होंने देशभर में घूम-घूम कर विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।

 

आंकड़ों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें एनडीए के अलावा जेडीयू और बीजू जनता दल (बीजेडी) जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है। यहां जेडीयू के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी वोट है, जबकि बीजेडी के पास 2.99 फीसदी वोट है। इसके अलावा तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पास 2%, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) का एक गुट (5.39 %) और वाईएसआर कांग्रेस (1.53%) ने भी कोविंद के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की है।

 

आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का वैल्यू 708 है, जबकि विधायकों के वोटों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार होगा, जैसे उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का वैल्यू 208, जबकि अरुणाचल जैसे कम आबादी वाले राज्य के विधायक के वोट का मूल्य 8 बैठता है। ऐसे में कोविंद को निर्वाचक मंडल के कुल 10,98,903 मतों में से 63 फीसदी से ज्यादा मत मिलने की संभावना है।

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