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सरकार बनाने के लिए अमित शाह की रणनीति पर चल रहे हैं राहुल गांधी

आज कर्नाटक के चुनाव नतीजे घोषित हो गए हैं और इन नतीजों से बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही सरकार बनाने की कोशिश में लगी हुई है। जहां बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में निकल कर सामने आया है तो वहीं कांग्रेस ने भी बीजेपी के जीत के रथ को रोकने की कोशिश करने की ठान ली है।

कर्नाटक की राजनीति एक बड़े उलटफेर की तरफ बढ़ रही है। और ये उलटफेर बीजेपी के हक में नहीं होगा। बीजेपी की तरफ से जहां सरकार बनाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन बहुमत के आंकड़े से वो चूकती हुई नजर आ रही है तो ऐसे में कांग्रेस ने एक बहुत बड़ा दांव चल दिया है। और ये दांव अमित शाह ने ही कभी कांग्रेस के खिलाफ खेला था।

गोवा और मणिपुर में जिस तरह से बीजेपी ने रणनीति बना कर सबसे बड़ी पार्टी न होते हुए भी अपनी सरकार बना ली थी तो वहीं अब कांग्रेस भी ऐसा ही करने जा रही है। कांग्रेस की तरफ से जेडीएस को बाहर से समर्थन देने का प्रस्ताव रख दिया गया है। दरअसल जेडीएस के पास लगभग 41 विधायक है तो वहीं कांग्रेस के पास 71 विधायक है और 2 निर्दलीय विधायक है अगर कांग्रेस का ये गणित जेडीएस मान लेती है तो 114 विधायक हो जाते हैं और जेडीएस को कांग्रेस का समर्थन मिल जाएगा जिससे कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

कांग्रेस के इस खेल के पीछे की वजह बीजेपी को रोकना है। लगातार बीजेपी के चलते आ रहे जीत के रथ को रोकने के लिए कांग्रेस इस वक्त किसी भी तरह के दांव चलने के लिए तैयार है। इस तरह की रणनीति अमित शाह ने गोवा और मणिपुर में चली थी जब कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी होते हुए भी बीजेपी ने सरकार बना ली थी। वही चाल कांग्रेस ने इस बार कर्नाटक में चल दी है।

आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी पार्टी के सभी विधायक कुमारस्वामी को बाहर से समर्थन देने के लिए तैयार है। साथ ही आजाद के अनुसार जेडीएस ने उनका प्रस्ताव मान लिया है और 18 मई को शपथ लेंगे। वहीं कांग्रेस के इस कदम के बाद बीजेपी में भूचाल आ गया है।

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