लालू यादव के दोनों बेटों में छिड़ी सियासी जंग

चुनाव के दौरान सियासत काफी गर्म रहती है इस बात से तो सभी लोग वाकिफ है। राजनीतिक गर्मी इस समय भी अपने चरम पर है और इस बार बिहार की राजनीति भी गर्म दिखाई दे रही है। बिहार में पटने से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की मौजूदगी में उनके दोनों बेटों तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई है जिनमें वह सब कुछ ठीक-ठाक न होने के बाद भी दिखावा करते दिख रहे है ऐसा लग रहा है कि वह सब कुछ ठीक दिखाने की कोशिश कर रहे है।

आपको बता दें कि लालू यादव के 71वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर पटना में केक काटा गया और एक-दूसरे को केक खिलाया गया। पहले तस्वीर सामने आई जिसमें मां राबड़ी देवी दोनों बेटों को अपने हाथों से केक खिला रही है और मां के बाद फिर, दोनों भाइयों ने भी एक-दूसरे को केक खिलाया। हमेशा की तरह इस बार भी दोनों भाइयों के बीच मनमुटाव और मतभेद का ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ दिया गया और परिवार द्वारा ये दावा किया गया कि परिवार के भीतर सबकुछ ठीक चल रहा है।

लेकिन एक सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर इस तरह की सफाई देने की जरूरत ही क्यों पड़ रही है? अगर लालू परिवार के बीच सब कुछ ठीक है तो फिर रह-रह कर बड़े बेटे तेजप्रताप को कृष्ण और अर्जुन के अवतार का जिक्र क्यों करना पड़ता है?

लालू परिवार के भीतर का समीकरण

आपको बता दें कि लालू परिवार के मध्य भी सत्ता को लेकर संघर्ष चलता आ रहा है। वो बाद अलग है कि इस समय तात्कालिक तौर पर संघर्ष विराम देखने को मिल रहा है लेकिन, आगे आने वाले दिनों में खींचतान और अधिक देखने को मिल सकता है। वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेल्लारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि ‘इस समय लालू परिवार के भीतर सत्ता की तीन धुरी है। पहला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और छोटे बेटे तेजस्वी यादव, दूसरा लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव और तीसरा राज्यसभा सांसद और लालू यादव की संतानों में सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती।’

लालू ने तेजस्वी को दी है तरजीह

इसके साथ ही ऐसी खबरें भी है कि लालू यादव पार्टी की कमान अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को ही सौंपना चाहते है और इस बात का अंदाजा तब ही लग गया था, जब 2015 में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार की सरकार में डिप्टी सीएम के तौर पर लालू ने तेजस्वी यादव को ही आगे किया था।

तेजप्रताप को क्यों नहीं चाहते लालू?

लालू यादव ने अपने छोटे बेटे को राजनीतिक विरासत देने का फैसला किया है, लेकिन ये भी बताया जाता है कि लालू ने पहले बड़े बेटे को राजनीति में नहीं लाने का मन बनाया था। 2015 चुनाव होने से पहले तेजप्रताप यादव का मन देखते हुए लालू ने उनके लिए व्यापार की व्यवस्था कराई गई थी।

  • Show Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

comment *

  • name *

  • email *

  • website *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You May Also Like

aap-announce-its-member-for-rajya-sabha-and-kumar-vishwas

इमरान खान के बहाने केजरीवाल पर जोरदार हमला कर गए कुमार विश्वास

आम आदमी पार्टी के बागी नेता और मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास ने एक ...

BJP CM Biren Singh Will Prove Majority in Manipur Assembly-Wikileaks4india Report

मणिपुर: फ्लोर टेस्ट में बीजेपी पास, पहली बार बनी भगवा सरकार

यूपी (UP) और गोवा (Goa) में अपना परचम लहराने के बाद आज मणिपुर (Manipur) ...

prateek yadav appeared to dare feedback on his lamborghini bjp delivers

पांच करोड़ की लैंबोरगिनी पर सवार हुआ मुलायम का ‘समाजवाद’

जब समाजवादी पार्टी में एक तरफ साईकिल के लिए रिश्ते दांव पर लगे हुए ...

अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद से हटा सकते हैं मुलायम सिंह यादव

आखिरकार जिस सियासी तूफान का अंदेशा था वहीं हुआ। उत्तर प्रदेश में  समाजवादी पार्टी ...

bjp-allegation-on-kejriwal-government-wikileaks4india-report

केजरीवाल की हाई-फाई पार्टी, 12 हजार रुपये की एक थाली!

दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) हमेशा अपने आप को आम ...