Press "Enter" to skip to content

बीजेपी का बहुत बड़ा दांव, सपा-बसपा गठबंधन के लिए मुसीबत बनेंगे ये नेता, मिली अहम जिम्मेदारी

Spread the love

लोकसभा चुनाव से पहले जहां समाजवादी पार्टी और बसपा ने गठबंधन कर बीजेपी को चित करने के लिए जमीन पर काम करना शुरु कर दिया है। तो वहीं कांग्रेस ने भी अब चिट्ठी पॉलिटिक्स शुरू कर दी है। जबकि सत्ताधारी दल बीजेपी भी एक्शन में आ गई है और यूपी के 6 प्रान्तों के संगठन में अपने तजे-तर्रार नेताओं की फौज की नियुक्ति कर दी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने सूबे में क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। 6 प्रान्तों में इन्हीं के जरिए बीजेपी राज्य में कमल खिलाने की तैयारी में है।

2014 की तरह लड़ेंगे चुनाव

विरोधी दलों के चक्रव्यूह में न फंसते हुए उन्हें फंसाने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन में बड़ा फेर बदल कर दिया है। लोकसभा 2014 और विधानसभा चुनाव 2017 की तरह प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने रत्नाकर को काशी के साथ ही गोरखपुर की जिम्मेदारी भी दे दी है। अब रत्नाकर दोनों जगह संगठन के मंत्री के तौर पर काम करेंगे। वहीं प्रद्युम्न को यूपी के प्रकोष्ट प्रभारी पद से हटाकर अवध क्षेत्र का संगठन मंत्री बनाया गया है। ये राजधानी में रहकर बीजेपी की जीत के लिए रणनीति बनाएंगे।

कानपुर-बुंदेलखंड की इन्हें मिली जिम्मेदारी

बीजेपी ने अपने मजबूत गढ़ कानपुर-बुंदेलखंड को बचाने के लिए भवानी सिंह को संगठन का मंत्री बनाया है। भवानी सिंह बृज की जिम्मेदारी संभालेंगे। इनका मुख्यालय आगरा में होगा। कानपुर बुंदेलखंड के क्षत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि भवानी सिंह के आने से बीजेपी यहां की 11 में से 11 सीटों में जीत दर्ज करेगी। अभी 10 क्षेत्र में बीजेपी के पास 10 सीटें हैं। साथ ही 52 में से 47 विधानसभा सीटों पर कमल की जीत हुई है। बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पहली बार कानपुर-बुंदेलखंड की धरती से बसपा का पूरी तरह से सफाया कर दिया था। यहां से एक भी बसपा का प्रत्याशी चुनाव नहीं जीता है।

More from State PoliticsMore posts in State Politics »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.