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कश्मीर के बाद अब बारी है बिहार की, इस वजह से बीजेपी जेडीयू से हो सकता है अलग…

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जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी गठबंधन के टूट जाने के बाद सियासी घमासान खड़ा हो चुका है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में एक साल से भी कम का वक्त रह गया है। तो ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी के रणनीतिकार अमित शाह ने इस कदम को काफी सोच समझ कर लिया है। राजनीतिक विश्लेशको का तो ये तक कहना है कि जम्मू-कश्मीर के बाद अब बीजेपी बिहार में भी ऐसा ही कुछ फैसला लेने वाली है। दरअसल कई उपचुनावों में मिली हार के बाद बीजेपी को अपनी रणनीति दोबारा बनाने के लिए मजबूर होना पड़ गया है। इसी कारण से  यही कारण है कि भाजपा नेतृत्व अपने सहयोगी दलों के साथ मुखर हो उठा है।

बीजेपी और जदयू का गठबंधन खतरे में

राजनीतिक जानकारों की अगर मानें तो बीजेपी आलाकमान जम्मू-कश्मीर जैसा फैसला एक बार फिर से ले सकता है और इस बार ये फैसला बिहार में लिया जा सकता है। आपको बता दें कि बिहार में जेडीयू ने एक साल पहले ही एनडीए में दाबारा से वापसी की थी। शुरुआत में बीजेपी इसका फायदे का सौदा मानकर चल रही थी, लेकिन अब स्थिति कुछ और ही है। इसका नतीजा बिहार में जोकीहाट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी और जेडीयू गठबंधन को मिली करारी हार है। इस सीट पर जेडीयू के लिए जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण था क्योंकि यहां पिछले 20 सालों से पार्टी का कब्जा था।

सीटों को लेकर तनातनी

इसके अलावा साल 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच में सीटों के बंटवारे को लेकर भी खींचतान तल रही है, जो कि गठबंधन में रोड़ा बन रही है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों दलों के बीच में सीटों के बटवारे को लेकर तनातनी ज्यादा बढ़ती जा रही है। बीजेपी नेता राजेंद्र सिंह के अनुसार पार्टी उन सभी 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के विचार में है जहां पिछले आम चुनाव में उसे सफलता मिली थी।

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