Press "Enter" to skip to content

दलितों के लिए बीजेपी का सबसे बड़ा एक्शन प्लान, सपा-बसपा पीट रहे सिर

Spread the love

गोरखपुर, फूलपुर, नूरपुर और कैराना उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद पार्टी ने दलित समुदाय को आकर्षित करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी है। दलितों को अपनी तरफ करने के लिए बीजेपी ने 2019 से पहले ही अपने सभी विधायकों और सांसदों को दलितों के घर पर पहुंचने की सलाह दे दी है। असल में बसपा,सपा और रालोद के करीब आने से बीजेपी नेताओं की चिंता कुछ बढ़ गई है। हालात इस कदर हैं कि कई पार्टी के नेता अभी से बसपा में शामिल होने की फिराक में दिख रहे हैं।

BJP change their strategy for next 2 phase election UP Election 2017

यूपी के महागठबंधन सामने आने के बाद से ही बीजेपी के सामने एक चुनौती आ गई है। सपा-बसपा के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर जहां 31-35 प्रतिशत मत हासिल करने वाला उम्मीदवार जीत जाता था। वहीं, अब भाजपा को इसका डर सताने लगा है। गठबंधन के बाद अब बीजेपी को जीत हासिल करने के लिए 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल करने पड़ेंगे। यही कारण है कि सोमवार को मुख्यमंत्री के गाजियाबाद दौरे के समय भाजपा के संगठन के अहम नेताओं ने सांसदों को मंत्र दिया कि 2019 में अपनी अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए कुल मतदान का 50 प्रतिशत हासिल करना जरुरी है।

इस बैठक के दौरान बीेजेपी के मुरादाबाद मंडल के विधायकों और सांसदों ने बैठक का ब्यौरा देते हुए बताया कि करीब ढाई घंटे तक चली बैठक 2019 से जुड़ी चिंताओं तक ही सीमित रही। इन नेताओं ने कहा कि बैठक में ज्यादातर वक्त मुख्यमंत्री ही बोलते रहे। बाकी के समय में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल,राष्ट्रीय सहमंत्री संगठन शिव प्रकाश ने लिया।

इस बैठक के दौरान मुख्य बातें यह रही कि यहां संघ की बौद्धिक जैसा नजारा देखने को मिला। यहां विधायकों और सांसदों को तो ज्ञान बांटा ही गया, लेकिन किसी से उसका सुझाव नहीं मांगा गया। नेताओं को बता दिया गया कि दलितों के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की कई तरह की कल्याणकारी योजनाओं के बाद भी दलितों का साथ भाजपा को नहीं मिल रहा है।

More from State PoliticsMore posts in State Politics »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.