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2 दिन में ही कांग्रेस-जेडीएस गठबधंन में आने लगी दरार, बीजेपी खेमे में लौटी खुशियां…

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान ही कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने की बात कर दी थी। लेकिन अब कांग्रेस का ये पासा उलटा पड़ता हुआ नजर आ रहा है। मतगणना के बाद ऐसा लग रहा था कि जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी को सीएम पद मिलने के बाद कांग्रेस का साथ देने को तैयार हो गई है, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं कांग्रेस और जेडीएस के बीच में दूरियां बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।

इसके अलावा कांग्रेस को इस वक्त सबसे बढ़ा डर जो सता रहा है वो ये है कि कहीं सरकार बनाने के लिए चुनाव में जीतकर आए उनके विधायक को पार्टी से तोड़ा जा सकता है, ऐसे में पार्टी की पूरी कोशिश इस बात को लेकर भी है कि उनके एमएलए खरीद-फरोख्त यानी कि हॉर्स ट्रेडिंग के शिकार न हो जाएं। अब तक के उतार-चढ़ाव को 10 पॉइंट में समझिए…

कांग्रेस, बीजेपी और जेडीएस अपने-अपने विधायकों के साथ बैठक करने में लग गई है। बेंगलुरु के एक होटल में जेडीएस विधायक दल की बैठक मे पार्टी के 2 विधायक राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नाडागौड़ा नदारद नजर आ रहे हैं। अहम बैठकों से विधायकों के नदारद होने के बाद राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट बहुत ज्यादा तेज हो गई है।

इसी तरह कांग्रेस की बैठक में भी 78 की जगह 66 विधायक ही पहुंचे। बैठक से 12 विधायक गायब रहे, जिसके बाद आशंका जताई जा रही वो किसी अन्य पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पार्टी के एमबी पाटिल का कहना है कि कांग्रेस के विधायक उनके साथ हैं।

वहीं, खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस और जेडीएस विधायकों की नाराजगी का दौर शुरू हो गया है। हालांकि सत्ता हासिल करने में जुटी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और सिद्धारमैया का कहना है कि सभी विधायक जेडीएस के साथ हैं और उनका पार्टी पर भरोसा कायम है। इस बात का भी दावा किया गया है कि जेडीएस पूरी तरह से कांग्रेस के साथ खड़ी है।

कांग्रेस नेता रामालिंगा रेड्डी का कहना है कि हमें हमारे सभी विधायकों पर भरोसा है। बीजेपी हमारे विधायकों को पाने की पूरी कोशिश में लगी हुई है। उन्हें लोकतंत्र में विश्वास नहीं है, बीजेपी बस सत्ता को हासिल करने में लगी हुई है।

जेडीएस के कई नेताओं ने भी बीजेपी को लालच देने का आरोप लगाया है। जेडीएस के प्रमुख नेताओं में शुमार सरवना का कहना है कि बीजेपी के नेता लगातार हमारे विधायकों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं, लेकिन उन्हें ये याद रखना होगा कि कोई भी हमारी पार्टी को छू नहीं सकता है।

बेशक कांग्रेस दावा कर रही है, लेकिन कुमारस्वामी को सीएम बनाए जाने का कुछ लिंगायत विधायक विरोध कर रहे है। सूत्रों का कहना है कि विधायक पार्टी ना छोड़ दें इसके लिए सोनिया गांधी उनसे बात करने में लगी हुईं हैं।

चुनाव से पहले कांग्रेस और जेडीएस के बीच गठबंधन नहीं था और अब हो गया है, जिससे कुछ नेता नाराज हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि जेडीएस के कुछ नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं औऱ अगर ऐसा होता है तो स्थितियां बदलेंगी।

राज्यपाल पर पूरा दारोमदार

कर्नाटक में किसकी सरकार बनेगी इसका पूरा दारोमदार अब राज्यपाल के कंधों पर आ गया है कि आखिरकार वो कौन सी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौका देते हैं।

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