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गांधी परिवार के इस नजदीकी नेता के देहांत से सदमे में सोनिया-राहुल

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चुनाव का समय हर एक राजनीतिक पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है और ऐसे ही महत्वपूर्ण समय में बीजेपी और सपा को नेता के निधन से तगड़ा झटका लग चुका है। ऐसा ही एक झटका चुनाव से पहले कांग्रेस को भी लग गया है जिसके बाद अब पूरी कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ रखी है।

आपको बता दें कि जाने माने कवि और लेखक तथा पूर्व सांसद बालकवि बैरागी का रविवार शाम निधन हो गया। अपने गृह नगर मनासा में प्रसिद्ध कवि बालकवि बैरागी ने अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक बताया गया है कि बैरागी की उम्र 87 साल थी। उनके पुत्र गोरकी का कहना है कि रविवार को दोपहर में वह एक कार्यक्रम में शरीक होने गए थे और फिर वह घर लौटे। घर लौटने के बाद उन्होंने खाना खाया और वह अपने कमरे में आराम करने चले गए।

बालकवि के परिवार वालों का कहना है कि नींद में ही बैरागी का निधन हो गया था।  इतना ही नहीं बालकवि कांग्रेस पार्टी में थे और वह साल 1980 से 1984 तक मध्यप्रदेश के मंत्री रह चुके है, इसके साथ ही वह साल साल 1984 से 1989 तक लोकसभा के सदस्य रहे और बाद में राज्यसभा के सदस्य भी रहे है। परिवार वालों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बैरागी ने बॉलीवुड फिल्मों के लिए 25 से भी ज्यादा गीत लिखे, जिन गानों में ‘तू चंदा मैं चांदनी, तू तरुवर मैं शाख रे’ भी शामिल है।

इसके साथ ही उन्होंने कई हिन्दी कविताएं भी लिखीं, जिनमें से ‘झर गये पात बिसर गये टहनी’ प्रसिद्ध है। बैरागी नीमच जिले के मनासा इलाके में रहा करते थे। उनका जन्म मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की मनासा तहसील के रामपुरा गाँव में 10 फरवरी 1931 को हुआ था और उनके जन्म का नाम नंदराम दास बैरागी था।

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