जानिए क्यों मनाते हैं रमजान, WIKILEAKS4INDIA की तरफ से रमजान मुबारक

दुनियाभर में रोजा रखने वाले लाखों-करोड़ों मुसलमानों का रमजान का पाक महीना आ गया है और रमजान का पाक महीना आज से शुरू हो गया है। सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे अन्य मुस्लिम बहुल देशों ने इस बात की घोषणा कर दी है कि रमजान का पाक महीने 16 मई से शुरू नहीं होगा बल्कि 17 मई से शुरू होगा। कई लोग शायद ये बात नहीं जानते होंगे कि चांद के दिखने की गणना के आधार पर इस महीने की शुरुआत होती है।

क्यों मनाया जाता है रमजान

ऐसा भी माना जाता है कि मोहम्मद साहब को साल 610 में लेयलत उल-कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान मिला था। बस उसी के बाद से रमजान को इस्लाम धर्म के पवित्र महीने के रूप में हर मुसलमान मनाता है। रमजान के दौरान मुसलमान लोग अल्लाह का शुक्रिया अता करते है और महीने भर रोजे के बाद शव्वाल की पहली तारीख को इद उल फितर मनाया जाता है।

रोजे के दौरान क्या कर सकते है क्या नहीं

इसके साथ ही कई लोगों के मानना हैं कि कि रमजान में मुसलमान कुछ नहीं खाते। लेकिन ये बात बिलकुल गलत है। सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को सूर्यास्त के बाद, उर्दूं शब्दों में कहे तो सहरी और इफ्तार में मुसलमान खा सकते है लेकिन दिन में ना कुछ खाना है और ना ही कुछ पीना होता है। सबसे पहले हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने वाले है कि रमजान के दौरान आप क्या कर सकते है और क्या नहीं।

आपको बता दें कि इस्लाम में पोर्क और शराब जैसी चीजों को हराम बताया गया है और इन चीजों को छोड़ कर सहरी और इफ्तार में आप कुछ भी खा सकते हैं। रमजान का महीना मानव की रूह को पवित्र करने का महीना होता है और रमजान के दौरान बहुत से लोग दूसरों की सेवा करते हुए नजर आते हैं और खुले दिल से दान भी देते हैं। रमजान को दुआओं और बरकत का महीना भी कहा जाता है। इसके साथ ही रोजे के दौरान नहाने पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं है, बस इस चीज का खास ख्याल रखना होता है कि नहाते समय आप पानी को निगल न ले। बीड़ी, सिगरेट, गुटका या तंबाकू जैसी चीजों का सेवन मुंह के जरिए ही किया जाता है, तो रोजे के दौरान इनसे दूर रहने की हिदायत दी जाती है। अगर आप ऐसा करते है तो आपका रोजा टूट सकता है।

आपको बता दें कि अगर आप गंभीर रूप से बीमार हैं या फिर लंबे समय से आपकी दवाएं चल रही हैं तो इस्लाम में आपको0 रोजा न रखने की छूट दी गई है। लेकिन रोजे के दौरान हल्के फुल्के सिरदर्द या एसिडिटी की दवाई आप कभी नहीं ले सकते। रोजा सभी मुसलमानों का फर्ज माना जाता है और यह सभी को रखना होता है लेकिन बहुत ज्यादा बूढ़े, बीमार, बच्चे और सफर करने वाले लोगों को रोजा न रखने की छूट दी गई है। अगर किसी दिक्कत या फिर व्यस्तता की वजह से किसी का रोजा छूट जाता है, तो वह फिर साल में किसी भी दिन अपने रोजे को पूरा कर सकता है।

रमजान के दौरान आपको किसी भी तरह की चुगली या बुराई से बचना होता है, झूठ बोलने, कसमें खाने और नाक भौं चढ़ाने से भी बचना होता है क्योंकि रमजान का मतलब सिर्फ रोजा रखना नहीं बल्कि अच्छे काम करना भी है। कई लोगों को चुंगम चबाने का शौक और आदत होती है। लेकिन रोजे में आपको इसकी इजाजत नहीं है, क्योंकि जैसे ही आपने मुंह में कुछ चबाया, आपका रोजा टूट जाता है। रोजे के दौरान किसी भी तरह के महिला और पुरुष के बीच शारीरिक संबंध की इजाजत नहीं है। लेकिन यह पाबंदी रात में रोजा खत्म होने के लागू नहीं होती है।

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