लोकसभा चुनाव 2019: BJP को हराने के लिए कांग्रेस और SP-BSP ने निकाली ये तरकीब

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देश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी विपक्षी पार्टियां बीजेपी को हराने के लिए नए-नए हथकंड़े अपना रही है। हर किसी का एक ही मकसद है मोदी लहर को खत्म करना और जिसकी वजह से यूपी में बसपा-सपा ने साथ-साथ चलने का फैसला किया है। यूपी में कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के बीच कई सीटों पर दोस्ताना संघर्ष देखने को मिल सकता है। दोनों तरफ से सुलह का समय समाप्त होने के संकेतों के बावजूद तीसरा ध्रुव भी है जो लगातार इस कोशिश में है कि प्रदेश में बीजेपी को हराने के लिए ज्यादातर सीटों पर आपसी सहमति का फार्मूला निकाला जाए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम सपा-बसपा को लेकर तल्ख नहीं हैं। उन्होंने गठबंधन घोषित किया। हमारे लिए उन्होंने दो सीटें छोड़ीं। जवाब में हमने भी तय किया कि हम उनके लिए भी कुछ सीटें छोड़ेंगे, लेकिन कई राज्यों के दिग्गज नेता चाहते हैं कि कांग्रेस और सपा-बसपा के बीच समझौते की गुंजाइश बनाई रखी जाए। बता दें कि गठबंधन में शामिल न होने की सूरत में ऐसी सीटों को चुना जा रहा है जहां दोस्ताना संघर्ष संभव है। करीब दो दर्जन सीटों पर इस तरह का रुख अपनाया जा सकता है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। लेकिन, उम्मीद नहीं।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली की तर्ज पर ही अन्य राज्यों में सुलह के लिए कई ऐसे दल भूमिका निभा रहे हैं जिनका उन राज्यों में कोई असर नहीं है। उनकी इच्छा है कि बीजेपी को किसी भी सूरत में पराजित करने की रणनीति पर काम करना जरूरी है। इसलिए मतों का विभाजन जितना रोका जा सकता है रोकना चाहिए।

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि हमारी भी पूरी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा बीजेपी विरोधी दलों के साथ सहमति बने। हम जहां और जितना लचीला रुख अपना सकते हैं कर रहे हैं, लेकिन दूसरे दलों को भी कांग्रेस की अहमियत समझनी होगी। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि बसपा ने कुछ सीटों को लेकर तल्खी बरकरार रखी, जिसकी वजह से सहमति बनने में दिक्कत आई है। वहीं, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हमेशा सपा-बसपा को लेकर नरमी दिखाई है।

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