बुआ-बबुआ के बीच हुआ सीटों का बंटवारा, इस दिन करेंगे साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस

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आने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन की खबरें काफी जोरों पर हैं, वहीं अब इनके बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी औपचारिक ऐलान होने की खबर सामने आ रही है। कहा जा हा है कि एसपी प्रमुख अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती लखनऊ में ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान जल्द कर सकते हैं। हालांकि इस गठबंधन में एक पेच राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को लेकर फंसा हुआ है, क्योंकि अजित सिंह की पार्टी की मांग है कि उन्हें 5 सीटें दी जाएं लेकिन वहीं एसपी और बीएसपी उन्हें 3 सीटें देने पर ही राजी हुए हैं। आपको बता दें कि 26 साल पहले हुए गेस्ट हाउस कांड के बाद यह पहला मौका होगा जब एसपी और बीएसपी के बीच दूरियां आने के बाद दोनों पार्टी नेता एकसाथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। सूत्रों से खबर है कि दोनों राज्य में सीटों को लेकर पहले ही बातचीत कर चुके हैं अब केवल औपचारिक ऐलान होना बाकी है।

खबरें हैं कि इस गठबंधन के लिए जो फॉर्मूला तय किया गया उसके मुताबिक 35 सीटें समावादी पार्टी, 36 सीटें बहुजन समाज पार्टी और 3 सीटें राष्ट्रीय लोकदल को दी जाएंगी। वहीं 4 सीटों को रिजर्व रखा जाएगा इसके साथ ही गठबंधन अमेठी और रायबरेली में अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा।

मायावती ने अखिलेश को किया था फोन

यूपी में अवैध खनन मामले को लेकर इस समय सीबीआई द्धारा शिकंजा कसे जाने के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव से फोन पर बात की थी। मायावती ने इसे बीजेपी का घिनौना चुनावी षड्यंत्र बताया था, उन्होंने कहा था कि ये बीजेपी का पुराना हथकंडा है, जो अपने विरोधियों के खिलाफ आजमाती रहती हैं।

सतीश चंद्र मिश्रा और रामगोपाल यादव ने भी की थी PC

आपको बता दें कि गोरखपुर उपचुनाव के समय से ही सपा-बसपा के बीच 26 साल पुरानी दुश्मनी को नरम होते देखा जा रहा था। अखिलेश पर हाल ही में सीबीआई द्धारा शिकंजा कसने के बाद से बसपा पूरी तरह से सपा के समर्थन करते हुए नजर आई थी। सपा के महासचिव राम गोपाल यादव और बसपा के सतीष चंद्र मिश्रा ने भी हाल ही में ज्वाइंट प्रेस कॉन्फेंस कर बीजेपी पर करारा निशाना साधा था। सतीष चंद्र मिश्रा ने अखिलेश का बचाव करते हुए कहा कि मुद्दों से भटकाने के लिए सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है।

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